रतलाम शहर के अति प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर से गुरुवार दोपहर भगवान श्री जगन्नाथ की 28वीं रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। जय जगन्नाथ के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को अपने हाथों से खींचा। इस बार रथयात्रा का मुख्य आकर्षण पहली बार मातृशक्ति द्वारा किया गया शस्त्र कला प्रदर्शन रहा, जिसने पूरे मार्ग में लोगों का ध्यान आकर्षित किया। रथयात्रा से पहले गुरुवार सुबह 9 बजे भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का सहस्रधारा अभिषेक, पूजन-अर्चन और विशेष श्रृंगार किया गया। महाआरती के बाद दोपहर 2:30 बजे थावरिया बाजार स्थित मंदिर से रथयात्रा प्रारंभ हुई। धर्मध्वजा, ऊंट-घोड़े और शस्त्र कला बने आकर्षण रथयात्रा के मार्ग पर सबसे आगे पानी के टैंकर से सड़क को धोया गया। इसके बाद ऊंट और अश्व पर सवार श्रद्धालु धर्मध्वजा लेकर चले। डीजे, बैंड और ढोल की थाप पर अखाड़े की मातृशक्ति ने पहली बार शस्त्र कला का प्रदर्शन किया। उनके पीछे बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु भगवान का रथ खींचते हुए भक्ति भाव से आगे बढ़े। इन मार्गों से निकली रथयात्रा रथयात्रा थावरिया बाजार स्थित मंदिर से शुरू होकर सूरजपोर, महलवाड़ा, पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा, धानमंडी और गणेश देवरी पहुंची। इसके बाद तोपखाना, चांदनी चौक, चौमुखी पुल, घास बाजार, सायर चबूतरा, सेठजी का बाजार और मेहताजी का वास होते हुए देर शाम पुनः मंदिर पहुंची।
इंदौर की टीम ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आकर्षक झांकी सजाई गई। वहीं इंदौर से आई विशेष टीम ने राधा-कृष्ण और छह गोपियों के स्वरूप में नृत्य प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महाआरती के बाद बांटा गया केसरिया भात प्रसाद रथयात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच करीब 5 क्विंटल केसरिया भात का प्रसाद वितरित किया गया। जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद रथयात्रा में महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, आरडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, उपाध्यक्ष प्रवीण उपाध्याय, युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री विप्लव जैन सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
