उज्जैन समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्राएं पूरी आस्था और उत्साह के साथ निकाली जा रही हैं। ढोल-नगाड़ों, भजनों और पुष्पवर्षा के बीच महाप्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले हैं। इस्कॉन मंदिर की यात्रा में पहली बार तीनों भगवान अलग-अलग रथों पर सवार हुए हैं। भगवान बलदेव ‘तालध्वज’ पर, देवी सुभद्रा ‘दर्पदलन’ पर और भगवान जगन्नाथ सबसे बड़े 35 फीट ऊंचे ‘नंदीघोष’ रथ पर विराजमान हैं। बंगाल के कारीगरों ने किया तैयार भगवान के लिए बंगाल के कारीगरों ने जापान से मंगाए गए विशेष धागों और मोतियों से करीब ढाई लाख रुपए की दिव्य पोशाक तैयार की है। यह यात्रा इंदिरा नगर से शुरू होकर फ्रीगंज और टॉवर चौक होते हुए मंदिर लौटेगी। 100 साल पुराना लकड़ी का रथ कार्तिक चौक स्थित जगदीश मंदिर से खाती समाज की यात्रा निकली है। इसमें 1200 गांवों के श्रद्धालु शामिल हुए हैं, जो करीब 100 साल पुराने लकड़ी के पारंपरिक रथ को अपने हाथों से खींच रहे हैं। देखिए अलग-अलग शहरों से रथ यात्रा की तस्वीरें… लाइव ब्लॉग के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए यहां से गुजर जाइए…
