मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। चर्चा में नरोत्तम और विजयवर्गीय की मुलाकात
दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुलाकात की। विजयवर्गीय ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी शेयर की। इसके बाद यह फोटो चर्चा का विषय बन गई और सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर तरह-तरह के कमेंट करने शुरू कर दिए। एक तरह से कहें तो दोनों नेताओं की मुलाकात की यह तस्वीर ट्रोल हो गई। एक यूजर ने लिखा- कैलाश जी अपना दुख किससे कहें, मिश्रा जी किससे कहें… दोनों भाई अपना दुख बांटते हुए। वहीं एक दूसरे यूजर ने टिप्पणी की- पार्टी के दो आधार स्तंभ आज एक-दूसरे से अपना दुख साझा करते हुए। एक अन्य यूजर ने लिखा कि ऊपर से दोनों नेताओं की स्थिति एक जैसी कर दी गई है। वहीं एक ने नरोत्तम मिश्रा पर तंज कसते हुए उन्हें शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल के ग्रुप में शामिल होने पर बधाई दे दी। एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि- अब आप दोनों नेता बीता हुआ समय बनकर रह गए हैं। बता दें कि दतिया उपचुनाव की तैयारियों में जुटे नरोत्तम मिश्रा को भाजपा ने टिकट नहीं दिया। इसके बाद उनके समर्थकों ने जमकर विरोध किया। हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा भाजपा प्रत्याशी के नामांकन में उनके साथ नजर आए। सभा को संबोधित करते समय वे भावुक भी हो गए थे और उनकी आंखें नम हो गई थीं। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी खुद को सरकार में उपेक्षित बताए जाने को लेकर चर्चा में रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री को लिखी उनकी एक चिट्ठी भी सामने आई थी। ऐसे में जब दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर आई, तो लोगों ने इसे दोनों नेताओं की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़ते हुए जमकर तंज कसे और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। विरोध, गिरफ्तारी और रिहाई की रस्मअदायगी
राजनीति में विरोध, चेतावनी, गिरफ्तारी और फिर रिहाई की औपचारिकताएं कैसे निभाई जाती हैं, इसकी एक झलक भोपाल में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान देखने को मिली। दरअसल, इंदौर से शुरू हुई कांग्रेस की साइक्लोथॉन यात्रा का समापन भोपाल में हुआ। यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने पहले किए गए ऐलान के मुताबिक मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की चेतावनी दी और सांकेतिक रूप से इसके लिए अड़ गए। जीतू पटवारी ने पुलिस और प्रशासन से कहा- हम मुख्यमंत्री के घर का घेराव करना चाहते हैं। हमें गिरफ्तार करो, जेल ले जाओ। इसके बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की औपचारिक गिरफ्तारी की घोषणा कर दी। अधिकारी ने कहा कि आप लोग मुख्यमंत्री निवास की ओर नहीं जा सकते, इसलिए आप सभी को यहीं रोका जाता है और गिरफ्तार किया जाता है। हालांकि, कुछ ही देर बाद दूसरे अधिकारी ने सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई का भी ऐलान कर दिया। ये सब भरे मंच पर कैमरे और माइक के सामने हुआ। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तंज कस रहे हैं। कह रहे हैं कि यह मामला तो चट मंगनी, पट ब्याह की तर्ज पर चट गिरफ्तारी, पट रिहाई वाला बन गया। सांसद के जन्मदिन पर फूलों की मूसलधार बारिश
उज्जैन से भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया के जन्मदिन पर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। आमतौर पर नेताओं पर फूल बरसाने की तस्वीरें देखने को मिलती हैं, लेकिन यहां फूलों की मानो मूसलधार बारिश ही हो गई। जन्मदिन समारोह में करीब तीन ट्रॉलियों में कई क्विंटल फूल लाए गए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सांसद अनिल फिरोजिया पर एक साथ फूलों की ऐसी वर्षा की कि वे कुछ देर के लिए फूलों के ढेर में ही नजर आने लगे। इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहे हैं, तो कुछ ने भाजपा के सादगी के दावों पर सवाल उठाते हुए तंज कसा है। और अब अंदर की बात.. साहब के मंसूबों पर पानी फिर गया
एक बड़े जिले में पदस्थ आईजी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी ने मेन स्ट्रीम में आने के लिए पूरी ताकत लगा दी, लेकिन आखिरकार उनके सारे मंसूबों पर पानी फिर गया। दरअसल, अधिकारी उसी जिले में लाइन पोस्टिंग पर हैं। उनकी इच्छा थी कि उन्हें वहीं मेन स्ट्रीम की जिम्मेदारी मिल जाए। इसके लिए उन्होंने हर स्तर पर अपने समीकरण साधे। बताया जा रहा है कि सरकार भी लगभग तैयार थी, लेकिन ऐन वक्त पर आए बाहरी दबाव के चलते उस पद पर किसी दूसरे अधिकारी की तैनाती कर दी गई। नतीजा यह रहा कि साहब की सारी कोशिशें धरी की धरी रह गईं। इसके बाद उन्हें भरोसा दिया गया कि जल्द ही किसी दूसरे बड़े जिले में मेन स्ट्रीम की पोस्टिंग मिलेगी। लेकिन जब तबादला सूची जारी हुई तो उनकी तैनाती नर्मदा किनारे वाले जिले में कर दी गई। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अब तक वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। चर्चा है कि साहब अभी भी इंतजार में हैं कि जल्द ही नर्मदा किनारे की पोस्टिंग बदलकर उन्हें किसी बड़े जिले में मनचाही जिम्मेदारी मिल जाए। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), आनंद निगम (उज्जैन) ये भी पढ़ें –
पटवारी ने हाथ पकड़ा, तो सज्जन ने किया ‘डिमोशन’: खाली मंच पर भाषण, सुनने वाला कोई नहीं एमपी में कांग्रेस की साइक्लोथॉन यात्रा के दौरान मंच पर संबोधित कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पास में ही खड़े कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा का हाथ पकड़कर उन्हें चुप रहने को कहा। दरअसल, सज्जन वर्मा हाथ उठाकर इशारों में मंच के नीचे खड़े लोगों से बात कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें
