हनी ट्रैप-2 कांड में लेडी शराब तस्कर अलका दीक्षित के साथ जेल में बंद आरोपी लाखन चौधरी का एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। लाखन और उसके परिवार के 13 लोगों ने मिलकर अपनी ही एक बुजुर्ग अनपढ़ महिला रिश्तेदार को राजस्व रिकॉर्ड (सरकारी कागजों) में मृत घोषित कर दिया और उनकी करीब 100 करोड़ रुपए मूल्य की बेशकीमती जमीन हड़पकर उसका सौदा भी कर दिया। राजेंद्र नगर पुलिस ने इस महाफर्जीवाड़े में लाखन सहित कुल 14 लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित वृद्धा द्रौपदी बाई चौधरी की रिपोर्ट पर लाखन, कैलाश, शंकर, जगदीश, प्रकाश, विष्णु, शांतिलाल, राजन, सदन, पवित्रा, पार्वती, मनोज, और रामू नागदा वाला सहित अन्य पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। आरोपियों ने पहले तो अनपढ़ वृद्धा को साथ रखने का नाटक किया, फिर उनका मकान अपने नाम लिखवा लिया। इसके बाद सर्वे नंबर 567 की 5.647 हेक्टेयर (करीब 14 एकड़) जमीन हथियाने के लिए साजिश रची। वृद्धा को जीवित देख मचा हड़कंप घर से निकाले जाने के बाद द्रौपदी बाई की बेटी सुनीता उन्हें खुड़ैल स्थित अपने घर ले गई। जब सुनीता ने मां की जमीन के रिकॉर्ड निकलवाए, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। मां को कागजों में मरा हुआ दिखाकर जमीन बेची जा चुकी थी। सुनीता प्रशासन और पुलिस के पास पहुंची और अपनी मां को जिंदा हालत में एसडीएम के सामने पेश कर दिया। खुद को ‘मृत’ बताने वाले अफसरों के सामने जब बुजुर्ग महिला खड़ी हुई, तो हड़कंप मच गया। अफसरों की आंख में झोंकी धूल जमीन अपने नाम करवाने के लिए आरोपियों ने एसडीएम कोर्ट में झूठे गवाह खड़े किए और द्रौपदी बाई का एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) पेश कर दिया। सरकारी रिकॉर्ड में महिला को मृत बताकर पूरी जमीन अपने नाम करा ली और आगे किसी को बेच दी। हद तो यह हुई कि मकान और जमीन दोनों हाथ से जाने के बाद आरोपियों ने बुजुर्ग महिला को बेसहारा छोड़कर घर से बाहर निकाल दिया। सख्त कार्रवाई करेंगे
हितेंद्र सिंह ठाकुर को धमकाने और हनी ट्रैप-2 के मामले में लाखन चौधरी पहले से जेल में है। अब अपनी ही रिश्तेदार वृद्धा को मृत बताकर करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले की जांच की जा रही है। सभी 14 आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
– यशवंत बड़ोले, टीआई, राजेंद्र नगर
