बेलबाग पुलिस ने एक बड़े साइबर और बैंकिंग धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और लॉगिन विवरण बेचता था। पुलिस ने आरोपी के पास से 10 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, 20 हजार रुपए नकद, एक मोबाइल फोन और बिना नंबर की एक्टिवा स्कूटी जब्त की है। थाना प्रभारी बेलबाग जितेंद्र पाटकर ने बताया कि बेलबाग तिराहे के पास वाहन चेकिंग के दौरान कंचनपुर निवासी 31 वर्षीय सौरभ कुमार रजक को संदिग्ध अवस्था में रोका गया। तलाशी लेने पर उसके पास से विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर जारी 10 एटीएम कार्ड और नकदी मिली। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गोरखपुर के मांडवा बस्ती निवासी रोहित नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जो उसे प्रतिदिन 5-10 एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था और कैश डिपॉजिट मशीन के माध्यम से विभिन्न खातों में पैसे जमा करवाता था। साइबर टीम द्वारा आरोपी सौरभ के मोबाइल फोन की जांच करने पर एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ। सौरभ के व्हाट्सएप पर ‘नितिन 3333’ नामक एक संपर्क मिला, जिसे सैकड़ों लोगों के पैन कार्ड, बैंक खातों का विवरण, पासबुक की तस्वीरें और लॉगिन क्रेडेंशियल भेजे गए थे। जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धन को ठिकाने लगाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए किया जा रहा था। पुलिस की तकनीकी जांच से यह भी पता चला है कि इस गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों का संबंध देशव्यापी साइबर अपराधों से है। आरोपी सौरभ और उसके साथियों द्वारा भेजे गए खातों के विवरण पर गुजरात (अहमदाबाद सिटी), राजस्थान (चित्तौड़गढ़ साइबर सेल) और उत्तर प्रदेश (मुजफ्फरपुर) में पहले से ही साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें और मामले दर्ज हैं। आरोपी ने अपने नाम पर भी 5 अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उन्हें इस अवैध धंधे में शामिल किया था।
