राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार 28 जून को जिलेभर में 5 साल तक की उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। भोपाल जिले में करीब 3.32 लाख बच्चों को पोलियो रोधी खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2710 बूथ बनाए गए हैं। वहीं पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने भी 28 से 30 जून तक विशेष अभियान चलाते हुए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में 22 पोलियो बूथ एवं मोबाइल टीमें तैनात की हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों के अलावा शॉपिंग मॉल, प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर भी पोलियो बूथ बनाए गए हैं, ताकि जिले से बाहर जाने वाले और यहां आने वाले प्रत्येक 5 वर्ष तक के बच्चे को दवा पिलाई जा सके। हाई रिस्क क्षेत्रों जैसे ईंट भट्टों, क्रेशर, निर्माण स्थलों और घुमक्कड़ आबादी तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें घर-घर और चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी। इधर, पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने भोपाल, इटारसी, बीना, गुना, गंजबासौदा सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 22 पोलियो टीकाकरण बूथ स्थापित किए हैं। साथ ही विशेष मोबाइल टीमें झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, राजकोट एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रा कर रहे 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को चलती ट्रेन में ही पोलियो की दवा पिलाएंगी। रेलवे कॉलोनियों और पैसेंजर ट्रेनों में भी विशेष व्यवस्था की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि भारत के पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अभियान के पहले दिन ही अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलाएं। वहीं रेल प्रशासन ने भी यात्रियों और रेल कर्मचारियों से अपने बच्चों को अभियान का लाभ दिलाने की अपील की है।
