मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंत्री विजयवर्गीय बोले- हर अधिकारी संघ का हो गया
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के ‘आरएसएस प्रेम’ पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भोपाल में एक कार्यक्रम में कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों में खुद को संघ से जुड़ा बताने की होड़ मची हुई है। उन्होंने कहा- हम सरकार में हैं, तो जो भी अधिकारी आता है, वह खुद को संघ से जुड़ा हुआ बताने की कोशिश करता है। कहता है- मैंने भी बेल्ट बांधी है, चड्डी पहनी है। विजयवर्गीय ने आगे कहा कि सरकार बनने के बाद सब संघ के हो गए। हर अधिकारी संघ का हो गया। विजयवर्गीय ने आगे कहा कि अब बहुत भीड़ हो गई है। इस भीड़ में अच्छे इंसानों की कमी है। संगठन बढ़ रहा है, कहने को विचारधारा भी बढ़ रही है, लेकिन अगर अच्छे इंसान नहीं होंगे तो इस विचारधारा का क्या महत्व रह जाएगा। इस पर चिंतन-मनन होना चाहिए। खरी बात यह है कि कांग्रेस अक्सर आरोप लगाती रही है कि भाजपा सरकार में अधिकारी-कर्मचारियों पर संघ और भाजपा का रंग चढ़ा हुआ है। ऐसे में विजयवर्गीय का यह बयान एक तरह से कांग्रेस के आरोपों पर मुहर लगाने जैसा है। अब विजयवर्गीय के इस बयान ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। धीरेंद्र शास्त्री बोले- दोषियों को भगवान का महादंड मिलेगा
अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र से हुई चोरी के मामले पर बोलते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री भावुक हो गए। उन्होंने दोषियों की तुलना रावण से करते हुए कहा कि इस महापाप के लिए उन्हें भगवान का महादंड जरूर मिलेगा। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रावण ने तो माता जानकी की चोरी की थी, लेकिन राम मंदिर के दानपात्र में लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी हुई है। करोड़ों लोगों का भरोसा चोरी हुआ है। रावण तो आज भी है, बस उसका रूप बदल गया है। उन्होंने कहा- इस मामले में कई लोगों ने कहा कि बागेश्वर धाम वाले बाबा तो कुछ बोले ही नहीं। लेकिन हमारे दिल से पूछो कि हम पर क्या बीती। मेरे साथ तो दिक्कत यह है कि कुछ कहेंगे तो भी लोग बोलेंगे और नहीं कहेंगे तो भी लोग बोलेंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- अब हमने कह दिया है, तो देखना लोग कहेंगे कि बोल तो दिया, लेकिन पर्ची नहीं खोली। पर्ची खोलो और नाम बताओ, किसका नाम है। अब अगर हमने नाम बता दिया तो वह हमें निपटा देंगे। आज नहीं तो कल निपटा देंगे। इसलिए फायदा इसी में है कि चुप रहो। और चुप रहो तो लोग कहेंगे कि बाबा बोलता नहीं, गूंगा हो गया। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर उन्होंने ‘निपटा देने’ जैसी बात किस संदर्भ में कही और उनका इशारा किस ओर था। बता दें कि धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों इंडोनेशिया के जकार्ता में कथा कर रहे हैं। सिंधिया ने बैडमिंटन कोर्ट पर भी अपना हुनर दिखाया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक अलग अंदाज गुना में देखने को मिला। आमतौर पर क्रिकेट के प्रति उनके लगाव की चर्चा होती है, लेकिन इस बार उन्होंने बैडमिंटन कोर्ट पर भी अपना हुनर दिखाया। मौका मिलते ही सिंधिया ने बैडमिंटन रैकेट थामा और कुछ शानदार शॉट लगाए। उन्होंने करीब आधे घंटे तक पसीना बहाया। उनका खेल देखकर मौजूद लोग भी उत्साहित नजर आए। अब लोग कह रहे हैं कि यही राजनीति है, आप नेता जी हैं तो पब्लिक कनेक्शन के लिए पसीना तो बहाना ही पड़ेगा। और अब अंदर की बात.. पद खाली नहीं थे, फिर भी असिस्टेंट प्रोफेसर को लाए
एमपी में हाल ही में हुए तबादलों में बड़े खेल हुए हैं। इस खेल की एक बानगी यह है कि भोपाल के कॉलेजों में पद खाली नहीं थे। अफसरों के मना करने के बाद भी दो असिस्टेंट प्रोफेसर्स को यहां अटैच कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ऊपर से बड़ा दबाव था। अब दोनों असिस्टेंट प्रोफेसर्स राजधानी तो आ गए हैं, लेकिन उनके पास कोई काम नहीं है। हालांकि, अफसरों ने इसका भी तरीका निकाल लिया। उच्च शिक्षा विभाग के डायरेक्ट्रेट में इन असिस्टेंट प्रोफेसर्स से विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की सीआर यानी कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट को डिजिटलाइज करने का काम लिया जा रहा है। दिलचस्प बात ये है कि अब तक यह काम 18-20 हजार रुपए की सैलरी पाने वाले आउटसोर्स कर्मचारी कर रहे थे। जबकि इन प्रोफेसर्स की सैलरी 2-2 लाख रुपए से ज्यादा है। अब इससे समझ जाइए कि सरकारी सिस्टम कैसे काम करता है। ये भी पढ़ें –
राहुल गांधी के हाथ में थमाया उलटा ‘संविधान’: फिल्मी टेस्ट में फेल दिग्विजय, नहीं बोल पाए सनी देओल का डायलॉग छतरपुर में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगे एक पोस्टर में एक चूक अब पार्टी की किरकिरी का कारण बन गई है। पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की जो प्रति दिखाई गई है, वह उलटी नजर आ रही है। वहीं, पीछे लगे एक अन्य बैनर में राहुल गांधी के चेहरे पर केक लगा हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि कांग्रेस इसे प्रिंटिंग की गलती बता रही है। पूरी खबर पढ़ें
