राजधानी में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से कोचिंग सेंटर, अकादमियां और लाइब्रेरियों चल रही हैं। यह खुलासा नगर निगम के फायर ऑडिट के दौरान हुआ। हैरानी की बात है कि अधिकांश कोचिंग के पास एनओसी तक नहीं है, यानी आग लगने के कोई भी इंतजाम नहीं हैं। कई कोचिंग में तो एक ही गेट से आना-जाना है। नगर निगम अब तक 42 कोचिंग और संस्थानों को नोटिस थमा चुका है, जबकि गुरुवार रात तक यह संख्या 60 तक पहुंच चुकी थी। इन सेंटरों में सुरक्षा के नाम पर जीरो इंतजाम हैं। सबसे बड़ी लापरवाही: 38 से ज्यादा सेंटरों के पास न संसाधन, न फायर एनओसी: जांच के दौरान सबसे चौकाने वाली तस्वीर यह सामने आई कि अधिकांश कोचिंग संस्थानों के पास आग से निपटने का कोई रास्ता ही नहीं है। सूची में शामिल लगभग सभी प्रमुख संस्थानों के पास फायर एनओसी और आग बुझाने के बुनियादी संसाधन तक उपलब्ध नहीं मिले। लालघाटी और गुफा मंदिर रोड स्थित रेस एकेडमी, संस्कार कॉमर्स एकेडमी, सबधानी कोचिंग और अचीवर कोचिंग के पास न तो एनओसी मिली और न ही संसाधन। एनओसी है, पर सिस्टम बंद… कहीं इमरजेंसी गेट नहीं कुछ संस्थान ऐसे भी मिले जिन्होंने कागजी खानापूर्ति के लिए फायर एनओसी तो ले रखी थी, लेकिन मौके पर सुरक्षा के इंतजाम कबाड़ पाए गए। यहां भी यही हाल: इंद्रपुरी, एमपी नगर, न्यू मार्केट और कोलार रोड क्षेत्र में संचालित कई कोचिंग संस्थान, स्कूल, कॉलेज और लाइब्रेरी बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। जांच में कीर्तिमान अकादमी, विजय पाटिल क्लासेस, फिजिक्स वाला, नीट मेंटोर, यूनिक आईएएस स्टडी सर्कल, ग्रीन वैली स्कूल सहित कई संस्थानों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। वहीं एमपी नगर स्थित संजीवनी गर्ल्स हॉस्टल में भी संसाधन और एनओसी नहीं पाई गई। इन संस्थानों को निगम ने दिए नोटिस 42 संस्थानों को नोटिस भेजे जा चुके थे। गुरुवार को निरीक्षण के बाद करीब 60 संस्थानों में लापरवाही पाई गई है। इन्हें भी अगले 24 घंटों के दौरान नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। कोचिंग व संस्थान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का समय दिया है। – तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अपर आयुक्त फायर
