मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सरकारी स्कूल में शिक्षक ने लहराई बंदूक
गुना जिले के राघौगढ़ क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सामने आया है, जिसने स्कूलों की सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक शिक्षक स्कूल परिसर में बंदूक के साथ नजर आ रहा है। आरोप है कि शिक्षक ने धौंस जमाने के लिए बंदूक का प्रदर्शन किया। हैरानी की बात यह है कि मौके पर मौजूद लोगों ने शिक्षक को रोकने या इसका विरोध करने की बजाय खुद भी एक-एक कर बंदूक थामी और फोटो खिंचवाए। जब ये प्रदर्शन हो रहा था तब वहां से अन्य शिक्षक भी गुजरते नजर आए। ऐसे में कोई हादसा भी हो सकता था। स्कूल जैसे संवेदनशील परिसर में ये प्रदर्शन चिंता का विषय बन गया है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों ने संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि स्कूल परिसर में हथियार के प्रदर्शन जैसे गंभीर मामले में केवल नोटिस देना क्या पर्याप्त है। महिला ने भाजपा विधायक के पैर पकड़ लिए
सीधी में एक दिव्यांग महिला ने भाजपा विधायक रीति पाठक के पैर पकड़ लिए। दोनों पैरों से दिव्यांग महिला के इस कदम से विधायक कुछ पल के लिए सकते में आ गईं। उन्होंने महिला से कहा- ‘मेरा पैर छोड़ दो, नहीं तो मैं गिर जाऊंगी।’ इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने महिला को विधायक से अलग किया। दरअसल, महिला अपनी समस्या बताने के लिए विधायक के पास पहुंची थी। उसने बताया कि कई बार आवेदन देने और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसे अब तक ट्राइसाइकिल नहीं मिली है। महिला की बात सुनकर विधायक ने भी हैरानी जताई और वहां मौजूद अधिकारियों की ओर जवाब के लिए देखा, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। इसके बाद विधायक ने महिला का नाम और पता नोट कराया और उसे जल्द ट्राइसाइकिल देने का आश्वासन दिया। खरी बात यह है कि फिलहाल महिला को सिर्फ आश्वासन ही मिला है। उसे अब भी ट्राइसाइकिल मिलने का इंतजार है। शिवराज ने सुनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बात
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो उनके गृह जिले सीहोर के भेरूंदा का है, जहां वे दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान खाद की कमी को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे खड़े होकर केंद्रीय मंत्री को रोकने की कोशिश की। इस पर शिवराज सिंह चौहान वहां रुके और कांग्रेस नेताओं व किसानों की बात सुनी। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें क्षेत्र में खाद की कमी और उससे किसानों को हो रही परेशानियों की जानकारी दी। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे मामा हैं, केंद्रीय मंत्री हैं और जनता के जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गले लगने की बात कही और उनकी बात सुनी। हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से दावा कर रहे हैं। शिवराज समर्थकों का कहना है कि किसानों की समस्या देखकर केंद्रीय मंत्री खुद रुक गए और उनकी बात सुनी। वहीं कांग्रेस का दावा है कि खाद संकट से परेशान किसानों ने उन्हें रोककर अपनी समस्या बताई। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस खाद संकट को लेकर यह पूरा घटनाक्रम हुआ, उस समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है। किसानों को आज भी खाद की उपलब्धता का इंतजार है। और अब अंदर की बात.. कुर्सी जाने के डर से परेशान दिख रहे एक मंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत मिलने के बाद एक मंत्री की बेचैनी बढ़ गई है। चर्चा है कि उन्हें अपनी कुर्सी जाने का डर सता रहा है। सुना है कि उनकी चिंता की एक बड़ी वजह विभाग में उनका कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि उन्होंने विभागीय कामकाज की समीक्षा के लिए गिनी-चुनी बैठकें ही की हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा भी है कि संबंधित मंत्री का अपने विभाग के एक केंद्रीय मंत्री के प्रति झुकाव कुछ ज्यादा है। बताया जा रहा है कि यही बात सत्ता के शीर्ष स्तर पर भी पसंद नहीं की जा रही है। अब देखना यह होगा कि मंत्रिमंडल विस्तार की बारी आने पर ये चर्चाएं कितनी सही साबित होती हैं। इनपुट सहयोग – आशीष रघुवंशी (गुना), मनोज शुक्ला (सीधी) महेंद्र ठाकुर (सीहोर) ये भी पढ़ें –
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