मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए उज्जैन में डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर खोलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से यह सेंटर शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में स्थापित किया जाएगा। उज्जैन को साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार उज्जैन में जल्द ही डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए उज्जैन के तारामंडल में सोमवार को मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन, संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की बैठक हुई। बैठक में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी के साथ आईआईटी की टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए नई योजना तैयार प्रदेश में विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रमुख निवेश (लीड इन्वेस्टमेंट) आकर्षित करने के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए नई योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत आईआईटी इंदौर के सहयोग से डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में सेंटर की स्थापना को लेकर चर्चा की थी। उनके निर्देश पर सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और उपयुक्त स्थान के चयन पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में तय किया गया कि सेंटर को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए स्थान का चयन किया जाए। इस दौरान तारामंडल के प्रभारी डॉ. मनोज राठौर भी मौजूद रहे। टीम ने किया इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण बैठक के बाद प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, डॉ. मनोज राठौर तथा आईआईटी की टीम ने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण किया। कॉलेज परिसर में स्थान का चयन करने के बाद सेंटर की स्थापना और साइंस सिटी निर्माण से जुड़ी आवश्यक कार्यवाही के संबंध में निर्देश दिए गए। आईआईटी इंदौर के सहयोग से जल्द ही डीपटेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर स्थापित किया जाएगा।
