मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। सीएम ने फिर हरे किए पटवारी की हार के जख्म
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधा। इंदौर के राऊ से भाजपा विधायक मधु वर्मा की तारीफ करते हुए उन्होंने पटवारी की चुनावी हार के जख्म फिर हरे कर दिए। सीएम ने कहा- ‘विकास की नैया, मधु भैया। क्या चौकड़ी भुलाई आपने सामने वाले की। क्या चारों खाने चित किए। अभी तक जवान होश में नहीं आया। पता नहीं कहां घूमता रहता है, क्या-क्या बोलता रहता है। इधर आता ही नहीं। मधु भैया को देखते ही उसे भैरों जी याद आने लगते हैं।’ इससे पहले भी मुख्यमंत्री जीतू पटवारी को ‘दो कौड़ी का अध्यक्ष’ और ‘नौसिखिया’ कह चुके हैं। इन टिप्पणियों पर पटवारी का कहना है कि वे अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा- वो हमें गालियां देते रहें। इससे हमारा ही फायदा हो रहा है। चाहें तो सर्वे करा लें। भाजपा विधायकों की उनके ‘टाइटल’ से तारीफ
इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा विधायकों का उनके चर्चित ‘टाइटल’ लेकर मंच से दिलचस्प अंदाज में जिक्र किया और उनकी जमकर सराहना की। भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया, जिन्हें कार्यकर्ता ‘बाबा’ के नाम से पुकारते हैं, उनके बारे में सीएम ने कहा- किसी के घर आग लग जाए तो बाबा को फोन लगा दो। फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने से पहले ये पहुंच जाएंगे। सांवेर विधायक और मंत्री तुलसी सिलावट की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा- तुलसी भैया… घर-घर तुलसी, मैं तुलसी तेरे आंगन की। हमारे तुलसी भैया घर-घर जाकर लोगों की सेवा करते हैं। मुख्यमंत्री ने विधायक रमेश मेंदोला को उनके चर्चित टाइटल ‘दादा दयालु’ कहकर संबोधित किया। वहीं विधायक गोलू शुक्ला को ‘सनातनी विधायक’ कहा। हालांकि, बोलते-बोलते उन्होंने पहले ‘सनातनी मुख्यमंत्री’ कह दिया, लेकिन तुरंत अपनी बात सुधार ली। सीएम ने सांसद शंकर लालवानी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के लिए भी मंच से तालियां बजवाईं, जबकि विजयवर्गीय कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। कार्यक्रम की एक तस्वीर भी खास चर्चा में रही, जिसमें इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपने रुमाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का चेहरा साफ करते नजर आए। अब तालियां बजवाने पर चिढ़ गए शिवराज सिंह
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अब अपने स्वागत में तालियां बजवाने को लेकर नाराजगी जताते नजर आए। दरअसल, एक कार्यक्रम में संचालक ने उन्हें संबोधन के लिए आमंत्रित करते हुए कहा- जोरदार तालियों के साथ शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करें। इस पर शिवराज सिंह ने मंच से ही आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- अभी हमारे संचालक महोदय तालियां बजाने की बात कह रहे थे। लेकिन मेरा मानना है कि लोकतंत्र में नेता कोई अतिथि नहीं होता। लोकतंत्र में नेता जनता का सेवक होता है और जनता ही उसका भगवान होती है। बता दें कि हाल के दिनों में शिवराज सिंह चौहान नेताओं के स्वागत-सत्कार की परंपरा पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। इससे पहले भी वे कार्यक्रमों में नेताओं के स्वागत के लिए लोगों को खड़ा करने और अत्यधिक तामझाम पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। स्वागत में हो गई फजीहत, मंच टूटने से गिरे नेताजी
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर इन दिनों अपने भव्य स्वागत को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। लेकिन राजगढ़ में उनका स्वागत कार्यक्रम अचानक फजीहत में बदल गया। दरअसल, स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में लोग मंच पर चढ़ गए। अधिक वजन होने से मंच अचानक भरभराकर टूट गया। इससे श्याम टेलर, भाजपा के जिला अध्यक्ष समेत कई नेता और कार्यकर्ता नीचे गिर पड़े। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। बताया जा रहा है कि मंच पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ जाने के कारण वह वजन नहीं सह पाया और टूट गया। और अब अंदर की बात.. सीएम से मिलने पहुंचे आयोग अध्यक्ष, गेट पर रोका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने वल्लभ भवन स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे एक आयोग के अध्यक्ष को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। अध्यक्ष ने अपना परिचय देते हुए कहा- मैं आयोग का अध्यक्ष हूं। इसके बावजूद सुरक्षा स्टाफ ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। स्टाफ का कहना था कि मिलने वालों की सूची में उनका नाम नहीं है। चर्चा है कि अध्यक्ष अपने साथ एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री से मिलवाने के लिए लेकर पहुंचे थे। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से कहा कि मुझे नहीं जाने दे रहे हैं तो कम से कम इन्हें ही जाने दीजिए। इस पर जवाब मिला- जब आपको ही अनुमति नहीं है तो इन्हें कैसे जाने दें? बता दें कि ये वही नेता हैं, जो शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इनपुट सहयोग – संतोष शितोले (इंदौर), मनीष सोनी (राजगढ़) ये भी पढ़ें –
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