बैतूल में पति-पत्नी का विवाद सुलझाने पहुंची डायल-112 की टीम और युवक के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने पर युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, युवक और उसकी पत्नी ने पुलिस पर पाइप से पीटने और गला दबाने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मुलताई में अंकिता नागले और उनके पति पवन के बीच घरेलू विवाद हुआ था। अंकिता ने पुलिस से समझाइश की उम्मीद में डायल-112 को सूचना दी थी। मौके पर एक आरक्षक, एक अन्य पुलिसकर्मी और ड्राइवर पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, वहां पवन और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई, जिसने बाद में धक्का-मुक्की और मारपीट का रूप ले लिया। शिकायतकर्ता आरक्षक की रिपोर्ट पर पवन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले में भीमसेना संगठन का कहना है कि वीडियो में पुलिसकर्मी बेरहमी से मारपीट करते दिख रहे हैं। बुधवार को उच्च अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो हम आंदोलन करेंगे। वीडियो में क्या दिख रहा है? वीडियो में देखा जा सकता है कि डायल 112 की गाड़ी के पास एक पुलिसकर्मी एक युवक को डंडे या पाइप से पीट रहा है, जिससे बचने की युवक कोशिश करता है। इसी बीच विवाद बढ़ता है और युवक भी उग्र होकर पुलिसकर्मी पर जवाबी हमला करते हुए हाथापाई करने लगता है। इसके बाद पुलिसकर्मी युवक को पीछे से पकड़कर उसकी गर्दन को अपनी बांहों में कसकर जकड़ लेता है, जिस पर युवक गुस्से में “मार डाल, मुझे जान से मार डाल” चिल्लाता है। स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद महिलाएं और परिजन बीच-बचाव के लिए दौड़ पड़ते हैं और युवक को पुलिसकर्मी की पकड़ से छुड़ाने की जद्दोजहद करते हैं। इसी बीच डायल 112 का ड्राइवर पत्थर उठाकर मारने का प्रयास करता है। इसके बाद एक पुलिसकर्मी कुछ देर के लिए अपना सिर पकड़े नजर आता है, लेकिन फिर से वह आगे बढ़कर युवक का कॉलर पकड़ लेता है। यह देख परिजन उग्र हो जाते हैं और पुलिसकर्मियों को घेरकर उनके नाम पूछते हुए सवाल करते हैं कि हाथ कैसे लगाया? देखिए घटनाक्रम की 6 तस्वीरें… पत्नी बोली- पति रास्ता बताने गए, पुलिस ने पीटना शुरू कर दिया
अंकिता का आरोप है कि रास्ता खराब होने के कारण उनके पति टीम को सही दिशा बताने गए थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने पवन के सिर और पीठ पर बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। वहीं, पवन ने बताया कि गाड़ी से उतरते ही एक पुलिसकर्मी ने उन पर पाइप से हमला कर दिया। पवन का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने गर्दन दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की, जिससे कंधे और सिर पर चोटें आई हैं। 15 दिन पहले ही सिर पर गिरी थी सेंटरिंग
पवन ने बताया कि 15 दिन पहले ही उनके सिर पर सेंटरिंग (शटरिंग) गिरने से गंभीर चोट आई थी। वे बड़ोड़ के अस्पताल में भर्ती थे और फिलहाल पत्नी ही उनका इलाज करवा रही है। पीड़ित ने मांग की है कि बिना वजह मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया जाए या फिर पुलिस उनके इलाज का पूरा खर्च उठाए। भीम सेना की चेतावनी- दोषी पुलिसकर्मियों पर हो एफआईआर
भीम सेना के प्रदेशाध्यक्ष पंकज अतुलकर ने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “बैतूल जिले में एससी-एसटी वर्ग पर पुलिस लगातार दबाव बना रही है। मैं एसपी से पूछना चाहता हूं कि कौन सा कानून पुलिस को मारपीट की इजाजत देता है?” उन्होंने आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने वालों पर झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने पवन पर जो केस किया है वह जमानती है, लेकिन पुलिस ने सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन कर जो मारपीट की है, वह गैर-जमानती अपराध है। अतुलकर ने चेतावनी दी कि दोषी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कर उन्हें जेल नहीं भेजा गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसडीओपी बोले- पुलिस दल को संयम बरतना था
मुलताई एसडीओपी ने पूरे मामले पर कहा कि पुलिस दल के साथ अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा की प्रारंभिक बात सामने आई है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी को संयम और धैर्य का परिचय देना चाहिए था। एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि विवाद का समाधान करने गई टीम के साथ मारपीट बर्दाश्त नहीं होगी, लेकिन घटना के दौरान पुलिसकर्मियों के व्यवहार की भी समीक्षा की जा रही है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।
