मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जनता को खड़ा कराया तो गुस्सा हो गए शिवराज
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर ही नाराज हो गए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम के संचालक को टोकते हुए लोगों को बार-बार खड़ा करवाने पर आपत्ति जताई। शिवराज सिंह रायसेन जिले के सिलवानी में आयोजित जनकल्याण शिविर में पहुंचे थे। दरअसल, संचालक ने शिवराज सिंह को संबोधन के लिए आमंत्रित करते हुए सभा में मौजूद लोगों से कहा कि सभी लोग खड़े होकर तालियों के साथ उनका स्वागत करें। इसी बात पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। शिवराज सिंह ने माइक संभालते ही संचालक से कहा- ये बहुत गलत है, लोगों को बार-बार खड़ा करवाना। मैं आपत्ति प्रकट कर रहा हूं। जनता मूर्ख थोड़ी है कि बार-बार खड़े हो जाओ, खड़े हो जाओ। जनता ही भगवान है, उसे ही बार-बार खड़ा करवा रहे हो। उन्होंने आगे कहा- मैं तो सबका सेवक हूं। आप सब बैठिए, आपके लिए मामा खड़ा रहेगा। शिवराज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में नेता जनता का सेवक होता है। जनता बड़ी है, जनता ही भगवान है और जनता की सेवा ही उनके लिए भगवान की पूजा है। अब लोग कह रहे हैं कि शिवराज सिंह का गुस्सा लाजमी है, क्योंकि वे जनता जनार्दन का महत्व अच्छी तरह से जानते हैं। जनता ही वह ताकत है, जो किसी को भी फर्श से अर्श तक पहुंचा सकती है और अर्श से फर्श पर भी ला सकती है। खरी बात ये है कि शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र भी इसी भावना को अपनाए, तो लोगों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दफ्तरों और कार्यालयों के बाहर घंटों लाइन में खड़ा न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने तो विधायक का नाम ही बदल दिया
इधर, सागर जिले की देवरी विधानसभा के केसली में सीएम डॉ. मोहन यादव के मंच पर एक रोचक वाकया हो गया। उन्होंने देवरी से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटेरिया का नाम ही बदल दिया। सीएम ने उन्हें ‘धीरज पटेरिया’ कहकर संबोधित किया और उनका अभिनंदन भी कराया। हालांकि, सीएम को थोड़ी ही देर में अपनी गलती का अहसास हो गया। इसके बाद उन्होंने सही नाम लेकर विधायक बृजबिहारी पटेरिया को संबोधित किया और कहा कि नाम लेने में उनसे गलती हो गई। इससे पहले, जब विधायक बृजबिहारी पटेरिया कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने देवरी का नाम देवपुरी करने की मांग सीएम के सामने रखी थी। अब लोग इस वाकये पर चुटकी ले रहे हैं कि विधायक ने तो देवरी का नाम बदलने की मांग की थी, लेकिन सीएम ने बाय वन, गेट वन ऑफर देते हुए विधायक जी का नाम भी बदल दिया। अब सियासी गलियारों में इस ‘नामकरण’ की जमकर चर्चा हो रही है। बहन-बेटियों के लिए ‘भिखारी’ शब्द का इस्तेमाल
सागर के देवरी से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने महिलाओं के लिए ‘भिखारी’ शब्द का इस्तेमाल किया है। वह भी सीएम डॉ. मोहन यादव के सामने। भाजपा विधायक लाड़ली बहना योजना की तारीफ कर रहे थे और बता रहे थे कि योजना से पहले महिलाओं की क्या स्थिति थी। उन्होंने कहा कि हमारी माताएं, बहनें और बेटियां दो-दो पैसों के लिए तरसती रहती थीं। भिखारियों की तरह हाथ फैलाकर पैसे मांगती थीं कि बच्चों की किताबें खरीदना है, घर का राशन खत्म हो गया है। लेकिन घर के श्रीमान इस ओर ध्यान नहीं देते थे। इस बात की ओर मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान गया और लाड़ली बहना योजना शुरू हुई। अब लोग भाजपा विधायक के ‘भिखारी’ वाले बयान को महिलाओं का अपमान बता रहे हैं। उनका कहना है कि भले ही सरकार इस योजना के तहत महिलाओं की आर्थिक सहायता कर रही है और पहले हालात जैसे भी रहे हों, लेकिन महिलाओं के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना गलत है। वैसे, खरी बात यह है कि भाजपा अगर फिर से सत्ता पर काबिज है, तो उसमें लाड़ली बहना योजना का बड़ा योगदान है। लाड़ली बहनों ने भाजपा को जमकर आशीर्वाद दिया। ऐसे में विधायक के ये बोल लाड़ली बहनों को नाराज कर सकते हैं। भाजपा प्रभारी बोले- वास्तविक आजादी अब दिख रही
मध्य प्रदेश भाजपा के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह का एक बयान इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा- मैं कभी-कभी सोचता हूं तो मेरे मन में लगता है कि आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी, लेकिन वास्तविक आजादी अब दिखाई दे रही है। विपक्ष ने उनके इस बयान को लपक लिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा प्रभारी ने यह बात कहकर स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान का अपमान किया है। हालांकि, भाजपा समर्थक इसे मौजूदा सरकार की नीतियों और उपलब्धियों की प्रशंसा के तौर पर देख रहे हैं। वहीं, विपक्ष इसे भाजपा का ‘भक्तिकाल’ बता रहा है। विपक्ष ने भाजपा सरकार को देश की समस्याएं और चुनौतियां भी गिनाईं है। अब खरी बात यह है कि राजनीति में भक्ति ठीक है, लेकिन उसका ओवरडोज ठीक नहीं। मंत्री की मालिश करने वाले की बढ़ गई ‘महिमा’
एमपी में ट्रांसफर-पोस्टिंग के सीजन में एक मंत्री की मालिश करने वाले शख्स की महिमा बढ़ गई है। लोग उसे मंत्री का खास मानकर उसकी जमकर पूछ परख कर रहे हैं। दरअसल, मंत्री जी हर रोज करीब दो घंटे तक मालिश करवाते हैं। अब ट्रांसफर-पोस्टिंग के चलते इन दिनों उनके बंगले पर अच्छी-खासी भीड़ भी जुट रही है। लेकिन मालिश वाली बात से ज्यादातर लोग अनजान हैं। इधर, मालिश करने वाला शख्स बार-बार मंत्री के कमरे के अंदर-बाहर आता-जाता रहता है। ऐसे में लोग उसे मंत्री का बेहद करीबी समझ बैठे हैं। मालिश वाला भी लोगों से कुछ इसी अंदाज में पेश आ रहा है। वह मंत्री के यहां आने वाले लोगों से उनका काम पूछता है। किसी को टाल देता है तो किसी को काम कराने का भरोसा देता है। सुना तो यह भी है कि आजकल वह ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बता दें कि मंत्री जी ग्वालियर-चंबल इलाके से ताल्लुक रखते हैं। इनपुट सहयोग – देव शाक्य (रायसेन) ये भी पढ़ें –
विधायक ने इशारों में बताई मंत्री बनने की चाहत: भाजपा नेताओं की ‘सफाई’ का फोटोशूट शाजापुर के मक्सी में भाजपा नेताओं ने शहर में साफ-सफाई की, लेकिन यह सफाई अभियान कम और फोटोशूट ज्यादा नजर आया। भाजपा विधायक अरुण भीमावद, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि पांडे और मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी समेत अन्य नेता कैमरों के सामने सफाई करते नजर आए। पूरी खबर पढ़ें
