शहर के विभिन्न इलाकों से भास्कर समाधान पर एक बार फिर नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई हैं। दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट से इन जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण भी देखने को मिल रहा है। बिजली, सड़क, जलभराव और सफाई से जुड़ी शिकायतों के बीच इसका एक और उदाहरण इंदौर से सामने आया है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) वार्ड-47 के पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में लोग अपनी परेशानियां साझा कर रहे हैं। उस पर तुरंत एक्शन भी देखने को मिल रहा है। ऐसा ही एक उदाहरण वार्ड क्रमांक-47 से सामने आया। शिकायतकर्ता कमलेश यादव ने लिखा था कि क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं होने से रहवासियों को पीने का पानी लेने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। समस्या ‘पोस्ट होने के बाद वार्ड 47 के पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया ने मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित टीम को मौके पर भेजकर पेयजल व्यवस्था को सुचारु कराया और समस्या का समाधान करवाया। इसकी पुष्टि खुद पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया ने दैनिक भास्कर को दी। इंदौर के अलग-अलग इलाकों से भास्कर समाधान पर पहुंच रहीं जनसमस्याएं… स्कीम नंबर 114: दिन में भी जल रही स्ट्रीट लाइट, बिजली की बर्बादी वार्ड 34 की स्कीम नंबर 114 निवासी गोपाल सिंह ने दिन में भी स्ट्रीट लाइट जलने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से सड़क पर लगी लाइट लगातार दिन में भी चालू है। नगर निगम के बिजली विभाग को जानकारी देने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मकान नंबर 147, 148 और 149 के सामने वाली सड़क पर यह लाइट लगातार जल रही है, जिससे बिजली की अनावश्यक बर्बादी हो रही है। वैष्णवी नगर: मंदिर जाने वाले मार्ग पर जलभराव से परेशानी वार्ड-15 के वैष्णवी नगर निवासी विजय तलाटी ने मंदिर मार्ग पर जलभराव की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि एयरपोर्ट के सामने स्थित पार्श्वनाथ धाम दिगंबर जैन मंदिर तक जाने वाले रास्ते और आसपास की गलियों में पानी भरा रहता है। थोड़ी सी बारिश में भी सड़क पर गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे श्रद्धालुओं और रहवासियों को आने-जाने में परेशानी होती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन होने के बावजूद उसका कनेक्शन सही नहीं है, जिससे पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसके कारण गलियों और मंदिर परिसर के आसपास लगातार जलभराव की स्थिति बनी रहती है। अनूप नगर: मुख्य मार्ग पर फैली गंदगी से रहवासी परेशान वार्ड-43 के अनूप नगर निवासी उबैद खान ने मुख्य मार्ग पर रोजाना कचरा फेंके जाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लोग रोजाना सड़क किनारे कचरा डाल रहे हैं, जिससे वहां लगातार गंदगी बनी रहती है। यह स्थान श्रीनगर और अनूप नगर के मुख्य मार्ग पर होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सड़क पर फैले कचरे से दुर्गंध फैल रही है और आसपास का वातावरण भी खराब हो रहा है। सुदामा नगर: जर्जर पेड़ों से हादसे का खतरा, रहवासी चिंतित वार्ड-83 के सुदामा नगर निवासी प्रदीप ने माता मंदिर उद्यान में खड़े जर्जर पेड़ों की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उद्यान में 30 फीट से अधिक ऊंचे कई पेड़ वर्षों से छंटाई और रखरखाव के अभाव में खतरनाक स्थिति में हैं। एक जून को आई आंधी में एक पेड़ गिरकर बिजली के तार, वाहन और आसपास के मकान को नुकसान पहुंचा चुका है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उद्यान में अभी भी करीब 10 पेड़ इसी तरह जर्जर हालत में खड़े हैं। यदि समय रहते इनकी छंटाई नहीं कराई गई, तो बड़ा हादसा हो सकता है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। यूजर बता सकते हैं समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। सुदामा नगर निवासी लविशा माहेश्वरी ने शिकायत की थी कि उनके घर की गली की स्ट्रीट लाइट पिछले 8 दिनों से बंद थी। हाल ही में नल लाइन का काम होने के कारण गली में कई जगह गड्ढे हो गए थे। अंधेरा रहने से लोगों को वाहन चलाने में परेशानी हो रही थी और चोरी का डर भी बना हुआ था। ‘भास्कर समाधान’ की पहल के बाद संबंधित विभाग ने समस्या का समाधान कर दिया। इसकी पुष्टि खुद शिकायतकर्ता लविशा माहेश्वरी ने की। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। ‘भास्कर समाधान’ बदलाव के लिए सकारात्मक पहल भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
