अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद बीती रात सबसे बड़े सैन्य टकरावों में से एक देखने को मिला। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे युद्धविराम और परमाणु वार्ता दोनों पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं। तनाव तब शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप के एक ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहे बोत्सवाना के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर हेलफायर मिसाइल से हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध और नाकेबंदी का पालन नहीं किया था। इसके जवाब में ईरान ने लाइबेरिया के झंडे वाले एक जहाज पर मिसाइलें दागने का दावा किया। हालांकि हालात तब ज्यादा गंभीर हो गए जब अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास केश्म द्वीप पर स्थित एक ईरानी सैन्य नियंत्रण केंद्र को निशाना बनाया। इस हमले के बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे। ईरान का कहना है कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी एयरबेस, हेलीकॉप्टर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया। वहीं अमेरिका ने दावा किया कि उसके ठिकानों पर किए गए सभी हमले नाकाम रहे और ईरानी मिसाइलों व ड्रोन को या तो रास्ते में ही मार गिराया गया या वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके। होर्मुज के पास अमेरिका का ऑयल टैंकर पर हमला… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
