Homeदेशसुप्रीम कोर्ट बोला- UPSC में पेपर लीक नहीं होता:NTA को उनसे सीखने...

सुप्रीम कोर्ट बोला- UPSC में पेपर लीक नहीं होता:NTA को उनसे सीखने की जरूरत, जवाबदेही तय होने तक ये घटनाएं नहीं रुकेंगी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG पेपर लीक मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मामले पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई चूक न हो। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसे मामलों में जब तक जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, ये घटनाएं रुकेंगी नहीं। UPSC में तो ऐसी समस्या नहीं आई। NTA को उनसे सीखने की जरूरत है। केस की सुनवाआई कर रहे जस्टिस नरसिम्हा ने शिक्षा मंत्रालय से NEET-UG परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया का ब्योरा मांगा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि पेपर लीक के बाद बड़े लेवल पर सुरक्षा सुधार किए हैं। देशभर में 3 मई को NEET-UG परीक्षा हुई थी। 7 मई की शाम पेपर लीक की खबर सामने आई थी। 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। 21 जून को री-एग्जाम होगा। सरकार का जवाब- युवाओं को लेकर गंभीर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम युवाओं की चिंताओं को लेकर गंभीर हैं। 21 जून को होने वाले NEET-UG री-टेस्ट के लिए कुछ नए तरीके अपनाए गए हैं। 25 मई: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- एजेंसी ने पिछली गलती से क्या सीखा इससे पहले 25 मई को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने NTA को फटकार लगाई थी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NTA को फटकारते हुए कहा था कि यह दुखद की बात है कि आपने (NTA) ने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया। बेंच ने कहा था कि साल 2024 में भी पेपर लीक का मामला कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई सिफारिशें दीं, जिन्हें स्वीकार भी किया गया था। NTA 28 मई तक हलफनामा दाखिल करे और बताए कि 2024 में दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने मौजूदा मामले में केंद्र सरकार और CBI से भी जवाब मांगा था।
FAIMA की याचिका में मांगें यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की मांग अब जानिए NEET पेपर लीक केस क्या है NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here