मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार को गाय का कटा हुआ सिर मिला। इससे तनाव की स्थिति बन गई। शहर के सिविक सेंटर इलाके में अवशेष मिलने के बाद हिंदू संगठन भड़क गए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने गाय का कटा सिर लेकर सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। प्रदर्शनकारी गनी शक्तावत ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गौ माता के अवशेष मिले हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अवशेष नहीं थे, बल्कि गाय के शरीर का आधा हिस्सा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हर बार केवल आश्वासन देता है, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम सड़क से गायों को पकड़कर अवैध रूप से छोड़ देता है। साथ ही नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम, प्रदर्शन समाप्त गोरक्षा दल के सहसंयोजक योगेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि दोपहर 1 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 6 बजे समाप्त हुआ। प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि नगर निगम अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई और अवैध झोपड़ियां नहीं हटाई गईं, तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए… गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी उन्होंने कहा- गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं को लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रहती हैं। गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं को लगातार डराया और धमकाया जा रहा है। जब तक गौमाता के पूरे अवशेष बरामद नहीं होंगे, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे। थाने में आवेदन देने के बाद भी पुलिस कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करती। निगम कमिश्नर-अफसरों पर कार्रवाई की मांग प्रदर्शनकारी लोकेंद्र टॉकीज चौराहे से सैलाना बस स्टैंड की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें पुलिस ने बीच रास्ते में रोक लिया। इसके बाद कार्यकर्ता नगर निगम कमिश्नर को मौके पर बुलाने और निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दोबारा सड़क पर बैठ गए। मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला, पुलिस बल तैनात इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। प्रभारी सीएसपी अजय सारवान, एसडीओपी किशोर पाटन वाला, ट्रैफिक डीएसपी आनंद सोनी समेत शहर के चारों थाना का प्रभारी और पुलिसकर्मी तैनात रहे। एसडीएम आर्ची हरित सहित कई अधिकारी हालात को संभालने में जुटे रहे। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि मिले अवशेषों की जांच कर पूरे मामले की पुष्टि की जा सके। जहां अवशेष मिले, वह नगर निगम की जमीन जिस क्षेत्र में गाय के अवशेष मिले हैं, वह नगर निगम और निजी जमीन का हिस्सा बताया जा रहा है। यहां एक समुदाय विशेष के घुम्मड़/साठिया समुदाय के लोग अवैध रूप से झोपड़ियां बनाकर रहते हैं। हिंदू संगठनों ने घटना को लेकर इन्हीं लोगों पर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब एक साल पहले भी इसी इलाके में ऐसा ही मामला सामने आया था। तब प्रशासन ने सात दिन के भीतर अवैध झोपड़ियां हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अपर कलेक्टर बोलीं- 7 दिन के भीतर सख्त कार्रवाई होगी अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि अवैध झोपड़ियां हटाई जाएंगी। जांच के बाद जिम्मेदार नगर निगम अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुराने घटनाक्रम की जांच को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सोमवार तक अब तक हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। अवैध झोपड़ियों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया एसडीएम आर्ची हरित ने बताया कि जिन बस्तियों से गौवंश का सिर मिला है, वहां 7 दिन के भीतर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अवैध झोपड़ियों से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। जिस जगह से अवशेष मिले हैं, वहां रहने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि करीब 4 घंटे तक गाय के कटे सिर को आइस बॉक्स में रखा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अगरबत्ती भी जलाई। बाद में स्टेशन रोड थाना प्रभारी पुलिस वाहन से कुछ कार्यकर्ताओं के साथ कटे सिर को अस्पताल लेकर गए। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें FIR में देरी-कमजोर चार्जशीट से छूट रहे गोहत्या के आरोपी मध्य प्रदेश में भले ही गोवंश संरक्षण को लेकर सख्त कानून लागू हों लेकिन इन मामलों में अपराधी पुलिस की लापरवाही का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। राजधानी भोपाल के एक केस में 26 टन गोमांस से भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद भी स्लॉटर हाउस 16 दिन तक खुला रहा। वहीं, दूसरे केस में आरोपी जमानत पर छूटने के बाद दोबारा गोकशी करते पकड़े गए। पढ़ें पूरी खबर…
