इटारसी जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बुधवार शाम एक महिला चलती ट्रेन से गिर गई। बरौनी एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान महिला अपने 2 महीने के बच्चे को बचाने के प्रयास में खुद चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में गिर गई। RPF जवानों की सूझबूझ और तत्परता से महिला को बाहर निकाला। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला चलती ट्रेन से गिरते हुए दिख रही है। सबसे पहले देखें 3 तस्वीरें… बच्चे को पति की ओर उछाला और खुद फिसल गई घटना शाम करीब 4:34 बजे की है। सीतामढ़ी (बिहार) निवासी महमूदा खातून (30) अपने परिवार के साथ कोच S-6 में यात्रा कर रही थी। गर्मी अधिक होने के कारण वह बच्चे को लेकर प्लेटफॉर्म पर उतरी थी। अचानक ट्रेन चलने लगी, तो घबराहट में उसने पहले बच्चे को सुरक्षित कोच के अंदर खड़े पति को थमाया। इसके बाद जब उसने खुद चढ़ने की कोशिश की, तो पैर फिसल गया और वह सीधे पटरी की ओर जा गिरी। महिला के पति उबेद आलम ने बताया कि वे अहमदाबाद में साड़ी कारखाने में काम करते हैं और परिवार के साथ बिहार लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि गर्मी ज्यादा होने के कारण पत्नी बच्चों को थोड़ी देर हवा खिलाने नीचे उतर गई थी, तभी यह हादसा हो गया। RPF जवानों ने बचाई जान स्टेशन पर चीख-पुकार मचते ही ड्यूटी पर तैनात RPF के प्रधान आरक्षक राजेश यादव और आरक्षक हर प्रताप सिंह परमार मौके पर पहुंचे। ट्रेन के गार्ड ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए और जवानों ने बिना देरी किए महिला को ट्रेन के नीचे से खींचकर बाहर निकाला। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने जवानों के इस साहसी कार्य की जमकर प्रशंसा की। एक पैर में फ्रैक्चर, जिला अस्पताल रेफर हादसे में महिला की कमर और एक पैर फ्रैक्चर हो गया है। आरक्षक हर प्रताप सिंह उसे तुरंत निजी ऑटो से श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार और आंतरिक चोटों की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषकर छोटे बच्चों के साथ यात्रा करते समय ट्रेन छूटने की स्थिति में जबरन चढ़ने के बजाय अगले स्टेशन या चैन पुलिंग का सहारा लेना चाहिए।
