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200 बीघा में बनी यज्ञशाला का ड्रोन व्यू:हवन करने 225 क्विंटल सामग्री, 200 ट्रॉली बांस से बनाई मंडप-कुटियां; सवा करोड़ शिवलिंग बनेंगे

गुना जिले के भैंसाना गांव में आज से श्रीराम महायोगी यज्ञ की शुरुआत हो गई है। सुबह तूमन खेड़ी से भैंसाना तक कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए। पार्वती नदी के घाट से कलश में जल भरकर महिलाओं ने सिर पर रखे तो कुछ पुरुष सिर पर भागवत रखकर शामिल हुए। यज्ञशाला पहुंचकर सभी ने परिक्रमा की। कलश यात्रा में विधायक जयवर्धन सिंह भी नंगे पैर चले। 28 मई तक चलने वाले यज्ञ के लिए खेतों के बीच 200 बीघा में अस्थायी नगर बसाया गया है। यज्ञ में 225 क्विंटल हवन सामग्री की आहुति दी जाएगी। फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह भी हवन में शामिल होने पहुंचेंगे। 15 साल बाद आयोजित हो रहे इस महायज्ञ के लिए मिनी महाकुंभ जैसी तैयारियां की गई हैं। गांव के हनुमान मंदिर में सवा करोड़ शिवलिंग बनाए जाएंगे। इसमें सहभागी बनने 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इनके लिए कुटियां तैयार हो चुकी हैं। 24 घंटे चल रही भोजनशाला में पिछले एक महीने से श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भोजन कराया जा रहा है। इस आयोजन की तैयारियां नवंबर 2025 से ही शुरू हो गई थीं। पहले देखिए, 5 तस्वीरें… पंडाल, कुटिया, यज्ञशाला और परिक्रमा मार्ग तैयार भैंसाना गांव के खेतों के बीच बने हनुमान मंदिर में पंडित ब्रजकिशोर पारीक उर्फ गुड्डा महाराज पिछले 50 साल से तपस्या कर रहे हैं। वे 10 साल की उम्र में यहां आए थे। पिछले 30 साल से उन्होंने अन्न-पानी त्याग रखा है। केवल हरिद्वार के गंगाजल और फलों का आहार कर रहे हैं। गुड्डा महाराज ने बताया कि 15 साल पहले यहां अश्वमेध यज्ञ हुआ था। अब 18 से 28 मई तक हनुमान मंदिर में श्रीराम महायोगी यज्ञ होगा। पंडाल, कुटिया, यज्ञशाला और परिक्रमा मार्ग तैयार हैं। पूरा आयोजन स्थल 200 ट्रॉली बांस और घास से बनाया गया है। टूटे पेड़ों की लकड़ियों का ही इस्तेमाल गुड्डा महाराज ने कहा- आयोजन समिति ने पहले ही तय कर लिया था कि एक भी हरा पेड़ नहीं काटा जाएगा। हनुमान जी की कृपा से आयोजन स्थल निर्माण के लिए बांस श्रद्धालुओं ने ही उपलब्ध करा दिए। खजूर के पेड़ों की पत्तियों और घास से छत तैयार की गई है। मंदिर की ओर से बांस और घास पर एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया। खाना बनाने और अन्य कामों के लिए आंधी में गिरे और सूखकर टूटे पेड़ों की लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 250 स्वयंसेवक और कारीगर काम कर रहे इस बड़े धार्मिक आयोजन के लिए 151 कुंडीय यज्ञशाला, 108 रामचरितमानस पाठ के लिए मानस मंडल और श्रीमद्भागवत के 108 मूल पाठ के लिए अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं। 1100 मीटर लंबा परिक्रमा मार्ग है। करीब 250 स्वयंसेवक और कारीगर 24 घंटे यज्ञ स्थल को सजाने-संवारने में लगे हैं। एक महीने में 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे गुड्डा महाराज के अनुसार, विश्व कल्याण की भावना से आयोजित इस महायज्ञ में मध्य प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों से 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। तैयारियों के दौरान पिछले एक महीने में ही करीब 5 लाख श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। 151 वेदियों पर बैठकर यज्ञ करेंगे यजमान गुड्डा महाराज ने बताया कि 10 दिन तक 151 वेदियों पर यजमान बैठकर यज्ञ करेंगे। हवन कुंड में आहुति देने के लिए 225 क्विंटल सामग्री मंगाई गई है। इसके लिए तिल गुजरात से मंगाया है, जबकि जौ मंदिर के खेतों में ही उगाया गया है। इसके अलावा 50 क्विंटल चावल का उपयोग होगा। हवन के साथ-साथ एक मई से शिवलिंग निर्माण का काम भी चल रहा है। श्रद्धालु प्रतिदिन शिवलिंग बना रहे हैं। पूरे आयोजन के दौरान सवा करोड़ शिवलिंग बनाने का लक्ष्य रखा गया है। समापन के बाद उनका विसर्जन किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… दादा धूनीवाले दरबार में 20 तोला सोने-चांदी की आहुति नर्मदापुरम में दादा धूनीवाले दरबार में चल रहे अनुष्ठान में 20 तोला सोने और चांदी की आहुति दी गई। इसके अलावा हवन में 200 साड़ियां, चुनरियां, मगज के 11 हजार लड्डू, 20 पीपा रसगुल्ला, फल और पूजन सामग्री भी डाले गए। हवन कुंड की भस्म भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटी गई। पढ़ें पूरी खबर…

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