मंगलवार को धांसड़ गांव में एक ही परिवार के छह सदस्यों की अंतिम यात्रा निकाली गई। हल्की बारिश के बीच चार अर्थियों पर छह शव मुक्तिधाम पहुंचे। इनमें एक अर्थी पर पिता विशाल और दूसरी पर मां पूजा के साथ उनकी मासूम बेटियों के शव थे। वहीं परिजनों ने कहा है पूजा गर्भवती थी और इस हादसे का एक अजन्मा बच्चा भी शिकार हुआ। राजगढ़ हादसे में जान गंवाने वाले धांसड़ निवासी शंकर चौहान, उनकी पत्नी सागर बाई, बेटे विशाल, बहू पूजा और पोतियों महक व वंशिका का अंतिम संस्कार किटी नर्मदा घाट के बजाय गांव के बाहर बने मुक्तिधाम में किया गया। बारिश के कारण यह निर्णय लिया गया। परिवार के सभी छह सदस्यों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर संपन्न हुआ। बेटी और बच्चों को संस्कार ससुराल में इसी हादसे में जान गंवाने वाली परिवार की बेटी रीनू पंवार और उनके बच्चों जसप्रीत व राजवीर के शवों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले की पुनासा तहसील के ग्राम अटूट खास में किया गया। रीनू का ससुराल अटूट खास में है। इस प्रकार, एक ही हादसे में उजड़े परिवार के कुल नौ सदस्यों को दो अलग-अलग स्थानों पर अंतिम विदाई दी गई। छोटे भाई ने दी मुखाग्रि अंतिम संस्कार के दौरान शंकर के छोटे बेटे और विशाल के भाई खुशाल ने अपने माता-पिता, भाई-भाभी और दोनों मासूम भतीजियों को मुखाग्नि दी। इस दौरान मुक्तिधाम में समाजजन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। क्षेत्रीय विधायक मुरली भंवरा सहित अन्य लोगों ने मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ये था पूरा मामला
यह दर्दनाक हादसा सोमवार को राजगढ़ जिले के सारंगपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन पुलिया के पास हुआ था। धांसड़ गांव से परिवार के 11 सदस्य ईको वैन से करड़ावद देवस्थान जा रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव में वैन बह गई। हादसे में परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग तैरकर बाहर निकल आए। गांव के लिए गहरा जख्म मंगलवार को जब छह शवों को एक साथ अग्नि दी गई और तीन शवों का अंतिम संस्कार अटूट खास में हुआ, तब धांसड़ गांव ने सिर्फ अपने लोगों को नहीं खोया, बल्कि एक पूरा परिवार अपनी आंखों के सामने बिखरता देखा। यह हादसा गांव के लिए ऐसा गहरा जख्म छोड़ गया है, जिसे शायद आने वाली पीढ़ियां भी भुला नहीं पाएंगी। अजन्मा बच्चा भी शिकार पारिवारिक सदस्य सोमा चौहान इस ये पुष्टि की है कि पूजा गर्भवती थी। मृतक विशाल की पत्नी पूजा गर्भवती थी। हादसे ने एक ही परिवार की कई जिंदगियां छीन लीं। दो मासूम बच्चियों के साथ उनका अजन्मा बच्चा भी दुनिया में आने से पहले ही इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। परिवार के लिए यह नुकसान सिर्फ नौ सदस्यों की मौत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सपनों का भी उजड़ जाना है। विसरा रिपोर्ट से स्थिति क्लियर होगी डॉ. जेएस बघेल सिविल सर्जन सारंगपुर ने बताया की सभी मृतकों के पेट में पानी भरा हुआ था और इतना नीचे हम जज नहीं कर पाए की पूजा नामक महिला गर्भवती थी. अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति क्लियर हो पाएगी। ये भी देखें… नाले में बही कार, 3 बच्चों समेत 9 की मौत:2 युवक तैरकर बाहर आए; पानी में डूबे अधूरे पुल को देख नहीं पाया ड्राइवर राजगढ़ में ईको वैन नाले में बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। दो युवकों ने तैरकर जान बचाई। हादसा पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे में सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, ईको सवार सभी लोग देवास के सतवास में धांसड़ गांव के रहने वाले हैं। वे कड़लावद गांव जा रहे थे। कार मुकेश सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। वही कार चला रहा था। पूरी खबर पढ़ें
