बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रैकिंग के लिए गए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार सुबह पहाड़ी पर जाने से पहले उन्होंने करीब 8:30 बजे अपनी मंगेतर से फोन पर बात की थी। इसके कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया और परिवार से संपर्क टूट गया। अद्वैत परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय इंदौर में प्रोफेसर थे और 2016 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल परिवार में अद्वैत और उनकी मां ही हैं। अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में एक फाइनेंस कंपनी में बतौर इंजीनियर काम कर रहे थे। अद्वैत की मां बेटे के लापता होने के बाद बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि बेटे के गायब होने के बाद से उन्हें उसकी चिंता सता रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु पुलिस को जितनी जानकारी है, उतनी ही जानकारी परिवार के पास भी है। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस स्थिति में ज्यादा बात नहीं कर पा रही हैं। पहाड़ी की तलहटी तक किराए की बाइक से पहुंचे थे पुलिस की जांच में सामने आया है कि अद्वैत किराए की बाइक से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी तक पहुंचे थे। उन्होंने बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की और पैदल पहाड़ी की ओर चले गए। रास्ते में करीब 10 CCTV कैमरों में उन्हें पहाड़ी की तरफ जाते देखा गया। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। रविवार से स्थानीय पुलिस, SDRF, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से पहाड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रतिबंधित शांताला पॉइंट पर मिले बैग और स्वेटर तलाशी अभियान के दौरान रविवार को पुलिस को प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास अद्वैत का शोल्डर बैग और स्वेटर मिला। इसके बावजूद अद्वैत का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने पहाड़ी के खतरनाक और प्रतिबंधित हिस्सों में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। पुलिस के मुताबिक अद्वैत की आखिरी लोकेशन मुजराई विभाग के अंतर्गत आने वाले ईश्वर मंदिर के पास मिली थी। आशंका है कि मंदिर में दर्शन के बाद वह शांताला पॉइंट की तरफ गए होंगे। पुलिस हादसे की आशंका से इनकार नहीं कर रही शिवगंगे पहाड़ियों का इलाका पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है। यहां ग्रेनाइट की चट्टानों के बीच संकरे रास्ते और कई जगह खड़ी चढ़ाई है। बारिश में रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस हादसे की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अद्वैत प्रतिबंधित शांताला पॉइंट तक कैसे पहुंचे और वहां उनके साथ क्या हुआ। फिलहाल किसी हादसे या अन्य घटना की पुष्टि नहीं हुई है। लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री से सुसाइड का एंगल भी जुड़ा अद्वैत के लापता होने के बाद पुलिस ने उनके घर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में ऊंचाई से गिरने और मौत से जुड़े कुछ AI जनरेटेड वीडियो देखे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के एंगल को जांच में शामिल किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सिर्फ सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है। सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर भी काम कर चुके अद्वैत बेंगलुरु के बेगुर इलाके में रह रहे थे। फाइनेंस कंपनी से पहले वे सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर काम कर चुके हैं। पुलिस उनके मोबाइल, लैपटॉप, CCTV फुटेज, आखिरी लोकेशन और पहाड़ी से मिले सामान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पहाड़ियों में बारिश के दौरान ट्रैकिंग जोखिम भरी शिवगंगे पहाड़ियों में बारिश के दौरान ट्रैकिंग जोखिम भरी हो जाती है। पथरीले रास्तों पर फिसलन बढ़ने के साथ कई जगह रास्ते बेहद संकरे हैं। खड़ी चट्टानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों के कारण पुलिस और SDRF की टीमों को तलाशी में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल सवाल यही है कि CCTV में पहाड़ी की ओर जाते दिखने के बाद अद्वैत कहां गए। प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास उनका बैग और स्वेटर कैसे पहुंचा। पांचवें दिन भी पुलिस को उनकी तलाश में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
