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NEET पेपर लीक केस में 9वां आरोपी कोर्ट में पेश:राउज एवेन्यू कोर्ट ने बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की CBI कस्टडी में भेजा

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में गिरफ्तार 9वीं आरोपी को CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे को 14 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। पुणे की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ को दिल्ली में CBI हेडक्वार्टर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का दावा है कि मंधारे NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं। मंधारे जानती थीं कि एग्जाम में कौन से सवाल आएंगे। उसने एग्जाम से पहले पुणे में स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई। वहां छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के सवाल नोट करवाए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि मंधारे ने पुणे से गिरफ्तार ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए NEET देने वाले स्टूडेंट्स को अपने कोचिंग में एडमिशन दिलाया था। CBI ने अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंधारे ने पेपर के बदले लाखों रुपए लिए CBI के मुताबिक मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे ने छात्रों और उनके पेरेंट्स से लीक पेपर देने के बदले लाखों रुपए लिए। बाद में मनीषा वाघमारे ने अपने कॉन्टेक्ट्स के और लोगों तक पेपर पहुंचाए। मनीषा वाघमारे 14 मई को गिरफ्तार हुई थी। मनीषा वाघमारे और पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से पूछताछ के आधार पर ही मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी हुई है। कुलकर्णी लातूर का केमिस्ट्री प्रोफेसर है और कई सालों तक NEET पेपर सेटिंग से जुड़े पैनल का हिस्सा था। एजेंसी के मुताबिक कुलकर्णी ने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में अपने घर पर स्पेशल क्लास लेकर छात्रों को वे सवाल, ऑप्शन और जवाब बताए थे, जो बाद में एग्जाम में आए। NTA में IRS अफसर आकाश जैन समेत 4 अधिकारियों की नियुक्ति केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार अधिकारियों की नियुक्ति की है। IRS अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है। अनुजा बापट और रुचिता विज को भी NTA में जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। दोनों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल या अगले आदेश तक रहेगा। 3 मई को हुई NEET-UG, 12 मई को रद्द, 21 जून को रीएग्जाम NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और रीएग्जाम का फैसला लिया गया।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची NTA को भंग करने की मांग वाली याचिका यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, एग्जाम कैंसिल होने के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रितु रेनीवाल और एडवोकेट महेंद्र कुमावत ने याचिका दायर की है। इसमें एक रिट जारी करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह NTA को भंग कर दे। उसकी जगह संसद से पारित कानून के आधार पर नेशनल टेस्टिंग बॉडी बनाई जाए। याचिका में एक ऐसी समिति गठित करने की भी मांग की गई है, जिसकी निगरानी अदालत करे। इस समिति का काम नेशनल लेवल की परीक्षाएं ऑर्गनाइज करने की प्रक्रिया की देखरेख करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षाओं का कोई पेपर न हो।

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