मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) ने फर्जी बैंक गारंटी पेश करने पर ठेकेदार के खिलाफ भोपाल के एमपी नगर थाने में FIR कराई है। वहीं, एक अन्य मामले में बुधनी अधोसंरचना विकास परियोजना में काम की अत्यंत धीमी प्रगति एवं संविदा शर्तों के लगातार उल्लंघन पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स जेएससी आईए वोज़रोज़्देनिये इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स काश्यपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया है। ज्वाइंट वेंचर की बैंक गारंटी पेश की थी
नगरीय विकास और आवास विभाग के उपक्रम एमपीयूडीसी के अनुसार- पहले मामले में चार निर्माण पैकेज के संबंध में साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड एवं इंजीनियरिंग प्रोफेशनल कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के ज्वाइंट वेंचर की बैंक गारंटी पेश की गई थी। जिसकी प्रमाणिकता पर संदेह होने पर जांच कराई गई। वह फर्जी पाई गई है। इसके बाद एमपीयूडीसी के प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। 5.40 करोड़ 40 की बैंक गारंटी राजसात बुधनी परियोजना का ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, अनुबंध समाप्त दूसरे मामले में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी ने बुधनी अधोसंरचना विकास परियोजना में कार्यों की धीमी प्रगति एवं संविदा की शर्तों के लगातार उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संविदाकार मेसर्स जेएससी आईए वोज़रोज़्देनिये इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स काश्यपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (संयुक्त उपक्रम) के विरुद्ध कार्रवाई की है। कंपनी के प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे के निर्देश पर ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करते हुए उसे एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया है। 5 करोड़ 40 लाख रुपए की बैंक गारंटी राजसात की है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं पूरा किया काम
इस जॉइंट वेंचर को एमपीयूएसआईपी-एएफ पैकेज-1जी (ए) के अंतर्गत बुधनी अधोसंरचना विकास परियोजना में टॉय विलेज, रेंटल हाउसिंग, कन्वेंशन सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, हाट बाजार सहित अन्य निर्माण कार्यों का जिम्मा सौंपा था। अनुबंध के अनुसार कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना था, किंतु परियोजना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। कंपनी ने समय-समय पर ठेकेदार को कार्य में तेजी लाने, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने तथा संविदा दायित्वों का पालन करने के लिए कई नोटिस दिए। समीक्षा बैठकें भी की गईं बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ। सभी तथ्यों एवं अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी ने अनुबंध की शर्तों के अनुरूप ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करने, उसे ब्लैकलिस्ट करने तथा लगभग 5 करोड़ 40 लाख रुपए की बैंक गारंटी की राशि राजसात करने का निर्णय लिया है।
