मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। किसान नेता श्यामलाल जोकचंद की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण अधीक्षक यंत्री कार्यालय पहुंचे। यहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी और विजिलेंस टीम किसानों तथा आम उपभोक्ताओं पर फर्जी बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज कर प्रताड़ित कर रही है। उनका कहना था कि बिना निष्पक्ष जांच के किसानों के खिलाफ केस बनाए जा रहे हैं और पुलिस के जरिए भय का माहौल तैयार किया जा रहा है। ‘किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार’ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई मामलों में किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। लोक अदालत जैसे मंचों पर भी किसानों और उपभोक्ताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे हैं, जिससे गरीब किसान और मजदूर मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि जलोदिया गांव के किसान रामप्रसाद मेघवाल और प्रदिराम मेघवाल के खिलाफ विधिवत बिजली कनेक्शन होने के बावजूद फर्जी बिजली चोरी का मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि दोनों किसानों को थाने लाकर हथकड़ी लगाई गई, जिससे क्षेत्र में नाराजगी फैल गई। लाखों के गलत बिजली बिल देने का आरोप ज्ञापन में किसानों ने बिजली कंपनी पर गलत और अत्यधिक बिजली बिल देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि कई बार लाखों रुपए तक के बिल थमा दिए जाते हैं। तकनीकी खराबी या केबल फॉल्ट से बिल बढ़ने पर भी किसानों को भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है। किसानों का कहना है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। किसानों ने कहा कि जर्जर तारों और डीपी की समय पर मरम्मत नहीं होने से हादसे बढ़ रहे हैं। कई गांवों और आबादी क्षेत्रों के बीच से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। किसानों ने मांग की कि जर्जर बिजली लाइनों और डीपी को तुरंत बदला जाए तथा आबादी क्षेत्र से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और उन्हें इसी तरह प्रताड़ित किया जाता रहा तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। किसानों ने निर्दोष लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले में अधीक्षक यंत्री योगेश आठनेरे ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि किसानों की शिकायतों और आवेदनों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की अपील कंपनी के समक्ष रखी जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि न्यायालय के वारंट के आधार पर हुई गिरफ्तारी पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। धरना प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा। इस दौरान किसानों और ग्रामीणों ने बिजली कंपनी तथा विजिलेंस की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
