दमोह के तेजगढ़ थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा गांव में तीन साल के मासूम अनिरुद्ध की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और खुलासा किया है। पुलिस ने जांच में पाया कि महिला ने अपहरण के महज आधे घंटे के भीतर ही बच्चे को मौत के घाट उतार दिया था। आरोपी बड़ी मां राजकुमारी लोधी को सोमवार शाम कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी महिला का अपने ससुराल में मकान को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। महिला का कहना था कि इस झगड़े की वजह से परिवार में कोई उससे ठीक से बात नहीं करता था, जिससे उसके मन में काफी गुस्सा भरा हुआ था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए उसने अपनी देवरानी के बेटे को निशाना बनाया। जहर दिया और फिर घोंट दिया गला शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे जब मासूम अनिरुद्ध घर के पास खेल रहा था, तब राजकुमारी ने उसका अपहरण किया। महिला ने पहले बच्चे को जहर पिलाया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने बच्चे के शव को भूसे के ढेर में छिपा दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या करने के बाद वह खुद भी परिवार के साथ मिलकर बच्चे को ढूंढने का नाटक करती रही। गोबर के ढेर में मिला शव शनिवार सुबह जब उसे मौका मिला, तो उसने भूसे से शव निकालकर घर से करीब 50 मीटर दूर गोबर के ढेर में दबा दिया। डॉग स्क्वाड की टीम ने शनिवार दोपहर शव को ढूंढ लिया। तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह लोधी ने बताया कि महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
