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बंगाल- 6 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा सरकार:असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी; केरल में 10 साल बाद UDF सरकार बनने का अनुमान

पश्चिम बंगाल में 6 एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं। 5 में भाजपा और एक में TMC सरकार बनने का अनुमान जताया गया है। मैट्रिज के एग्जिट पोल में TMC को 125 से 140 और भाजपा को 146 से 161 सीटें मिलने का अनुमान है। चाणक्य स्ट्रैटजी ने TMC को 130 से 140 और भाजपा को 150 से 160 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। पीपल्स पल्स ने TMC को 177 से 187 और भाजपा को 95 से 110 सीटें मिलने की बात कही है। प्रजा पोल ने TMC को 85 से 110 और भाजपा को 178 से 200 सीटें मिलने की बात कही है। पी-मार्क के एग्जिट पोल में TMC को 118 से 138 और भाजपा को 150 से 175 और सीटें दी गई हैं। पोल डायरी ने TMC को 99 से 127 और भाजपा को 142 से 171 सीटें मिलने की बात कही है। असम के 8 एक्जिट पोल- सभी में भाजपा की वापसी एक्सिस माय इंडिया ने भाजपा को 88-100, जबकि कांग्रेस को 24-36 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। मेट्रिज ने भाजपा को 85-95 और कांग्रेस को 25-32 सीटें दी हैं। पीपुल्स पल्स ने भाजपा को 68-72 और कांग्रेस को 22-26 सीटें दी हैं। पी मार्क ने भाजपा को 82-94 और कांग्रेस को 30-40 सीटें दी हैं। जेवीसी ने भाजपा को 88-101 और कांग्रेस को 23-33 सीटों का अनुमान जताया है। चाणक्य स्ट्रैटजी ने भाजपा को 88-98 और कांग्रेस को 22-32 सीटें मिलने की बात कही है। पोल डायरी ने भाजपा को 86-101 और कांग्रेस को 15-26 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। वोट वाइब ने भाजपा को 90-101 और कांग्रेस को 23-33 सीटें दी हैं। तमिलनाडु के 5 एक्जिट पोल- 4 में DMK+ की वापसी मैट्रिज ने DMK+ को 122-132, AIADMK+ को 87-110 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। पी मार्क ने DMK+ को125-145, AIADMK+ को 65-85 सीटें दी हैं। पीपल्स इनसाइट ने DMK+ को 120-140, AIADMK+ को 60-70 सीटें दी हैं। जेवीसी- टाइम्स नाउ DMK+ को 75-95 AIADMK+ को 128-147 सीटें दी हैं। पीपल्स पल्स ने DMK+ को 125-145 AIADMK+ को 65-80 सीटें मिलने की अनुमान जताया है। जानिए पिछले एग्जिट पोल कितने सही, कितने गलत 1. पश्चिम बंगालः 2. तमिलनाडुः 3. केरलमः 4. असमः पांचों राज्यों में 3 से 12% मतदान बढ़ा: पांचों राज्यों में इस बार रिकॉर्ड वोटिंग हुई। सबसे बड़ा फैक्टर वोटर लिस्ट रिविजन (SIR) को बताया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए। इससे कुल वोटर्स की संख्या घट गई, लेकिन वोट डालने वाले लोगों की संख्या लगभग समान रही, जिससे प्रतिशत बढ़ गया। महिलाओं को कैश सहायता, मुफ्त यात्रा और आरक्षण जैसे वादों ने महिला वोटर्स को बड़ी संख्या में बाहर निकाला। इस बार महिलाओं का वोट प्रतिशत पुरुषों की तुलना में बंगाल-तमिलनाडु में 2%, असम में 1%, केरल में 5% और पुडुचेरी में 3% ज्यादा रहा। एग्जिट पोल से जुड़े 5 सवाल और उनके जवाब 1. एग्जिट पोल क्या होता है? जवाब: चुनाव के दौरान जनता का मूड जानने के लिए दो तरह के सर्वे किए जाते हैं। वोटिंग से पहले के सर्वे को ओपिनियन पोल कहते हैं, जबकि वोटिंग के दौरान होने वाले सर्वे को एग्जिट पोल कहा जाता है। आम तौर पर एग्जिट पोल के नतीजे आखिरी फेज की वोटिंग खत्म होने के एक घंटे बाद जारी किए जाते हैं। 2. एग्जिट पोल की शुरुआत कब और कैसे हुई? जवाब: चुनावी सर्वे की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में हुई। 1930 में जॉर्ज गैलप और क्लॉड रोबिंसन ने अमेरिकी सरकार के कामकाज पर लोगों की राय जानने के लिए ये सर्वे किया था। एग्जिट पोल की शुरुआत काफी बाद में हुई। टाइम मैगजीन के मुताबिक 1967 में पहली बार दुनिया में बड़े स्तर पर कोई एग्जिट पोल किया गया था। अमेरिका के पॉलिटिकल रिसर्चर वॉरेन मिटोफस्की ने केंटुकी राज्य में होने वाले गवर्नर चुनाव के दौरान पहली बार एग्जिट पोल किया था। दुनिया में पहली बार किस मीडिया कंपनी ने ये तरीका अपनाया, इसकी सटीक जानकारी नहीं है। 3. भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत कब हुई? जवाब: भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन (IIPU) के तत्कालीन प्रमुख एरिक डी कोस्टा ने की थी। 1980 के दशक में भारत में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर एग्जिट पोल को लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रणय रॉय और यूके के पॉलिटिकल एक्सपर्ट डेविड बटलर ने मिलकर काम किया। 1996 में सरकारी चैनल दूरदर्शन ने CSDS के साथ मिलकर पहली बार एग्जिट पोल जारी किए। 4. भारत में एग्जिट पोल को लेकर क्या कानून और नियम हैं? जवाब: एग्जिट पोल का मामला अलग-अलग वजहों से तीन बार सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट- 1951 के सेक्शन 126A के मुताबिक मतदान खत्म होने के आधे घंटे बाद ही एग्जिट पोल जारी किया जा सकता है। अगर कोई कंपनी या व्यक्ति मतदान खत्म होने से पहले एग्जिट पोल जारी करता है तो उसे अपराध माना जाएगा। ऐसा करने वाले को दो साल तक की जेल और जुर्माना या दोनों हो सकता है। 5. कौन-से फैक्टर्स तय करते हैं कि एग्जिट पोल कितना सटीक होगा? जवाब: एग्जिट पोल कितना स्टीक है, ये 3 मुख्य फैक्टर पर निर्भर करता है… 1. सैंपल साइज: जिस एग्जिट पोल का सैंपल साइज जितना बड़ा होता है, उसे उतना ही ज्यादा एक्यूरेट माना जाता है। मतलब ये हुआ कि सर्वे में जितना ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क किया जाए, उतना ज्यादा अच्छा है। 2. सर्वे में पूछे जाने वाले सवाल: सैंपल सर्वे में पूछा गए सवाल जितना न्यूट्रल होगा, एग्जिट पोल का रिजल्ट भी उतना ही सटीक होगा। 3. सर्वे का रेंज: सर्वे का दायरा जितना बड़ा होगा, रिजल्ट एक्यूरेट होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। मान लीजिए किसी विधानसभा में सिर्फ दो या तीन पोलिंग बूथ से सैंपल लिए जाते हैं, जहां किसी एक पार्टी के उम्मीदवार की पकड़ है। इससे एग्जिट पोल के रिजल्ट पर असर पड़ सकता है। कार्टूनिस्ट चंद्रशेखर हाडा और मंसूर नकवी की नजर से एग्जिट पोल

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