राजधानी भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदेशाह लोधी की शौर्य यात्रा में पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा–देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी है। उमा भारती ने कहा- जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत आधार पर बंटा रहा और आर्थिक असमानताएं गहरी रहीं। ऐसे में आरक्षण उस विषमता को कम करने का एक बड़ा प्रयास है। बराबरी सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव से आएगी। जब देश के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के परिवार भी सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, तब शिक्षा व्यवस्था और समाज दोनों में वास्तविक समानता आएगी। इस दौरान उमा भारती का ढाल-तलवार भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे, पिछोर विधायक प्रीतम लोधी, बंडा विधायक विरेंद्र सिंह लमबरदार, बड़ा मलहरा विधायक राम सिया भारती, बरगी विधायक नीरज सिंह ठाकुर, लोधी लोढ़ा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल और राजा हिरदेशाह के वंशज कौशलेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में लोधी-लोधा समाज के लोग मौजूद रहे। उमा ने कहा-अब मैं आजादी की दूसरी लड़ाई के बारे में बताती हूं। मोदी जी ने 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो एक अमेरिकी अखबार के एडिटर ने लिखा ‘अंग्रेज तो चले गए, लेकिन कुछ ‘काले अंग्रेज’ छोड़ गए’।
हम मॉर्डनाइज हो रहे हैं, लेकिन वेस्टर्नाइज नहीं हो रहे। जनसंघ के बाद जब भाजपा बनी, तो इसे पिछड़ी और विरोधी पार्टी कहा जाता था। पहली बार ऐसा हुआ जब एक व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। दूसरे ने तिरंगे के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। इसके बाद एक समुदाय ने इस भ्रम को तोड़ दिया कि भाजपा पिछड़ा-विरोधी पार्टी है।
भारत पीओके को वापस लेकर रहेगा
उमा भारती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए सत्ता छोड़ी गई, जबकि मध्य प्रदेश में तिरंगे के सम्मान के लिए पद त्याग किया गया। उन्होंने कहा कि यह नई आजादी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। भारत एक दिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेकर रहेगा। पाकिस्तान को घुटनों पर बैठकर माफी मांगनी पड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पहलगाम की घटना का जवाब देकर भारत ने अपनी ताकत साबित कर दी है।
आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के लिए होनी चाहिए
उमा भारती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड़, पहाड़ और जीव-जंतुओं तक की पूजा की जाती है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। देश ने आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया है, लेकिन अब आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के अधिकार के लिए लड़ी जानी चाहिए। उमा ने कहा– लोधी समाज की संख्या काफी अधिक है और उनकी भागीदारी से सरकारें बनती हैं। यह समाज सरकार बनाने की ताकत रखता है।
प्रीतम बोले– भारत में कम से कम एक लोधी सीएम बने
पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने कहा– जब हेमा मालिनी के धर्मेंद्र को भारत रत्न मिल सकता है तो हमारे कल्याण सिंह को क्यों नहीं मिल सकता।
प्रीतम ने कहा– जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है। मैं जब जवानी देखने निकलता हूं तो आज की जवानी ताश के पत्तों में मिलती है। शराब की दुकान में मिलती है। हम जब जवान हुआ करते थे तब हमारे समाज के दो–दो मुख्यमंत्री हुआ करते थे। आज जीरो हैं। भारत में कम से कम एक लोधी तो मुख्यमंत्री होना चाहिए। खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
