हरदा में मंगलवार को किसानों का बड़ा आंदोलन प्रस्तावित है। किसान संगठनों का दावा है कि यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें पांच हजार से अधिक ट्रैक्टरों के साथ किसान हरदा पहुंचेंगे। यह आंदोलन समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी शुरू करने, गेहूं के लिए स्लॉट बुकिंग में आ रही परेशानी दूर करने और फसलों का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तय करने जैसी विभिन्न मांगों को लेकर किया जा रहा है। इसमें हरदा जिले के लगभग 270 गांवों के साथ-साथ देवास, नर्मदापुरम और खंडवा जिलों के किसान भी शामिल होंगे। वे हजारों ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे। आंदोलन के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे दिन के लिए यातायात व्यवस्था को डायवर्ट कर रूट प्लान तैयार किया गया है। संयुक्त कलेक्टर सतीश राय ने बताया कि सुरक्षा के लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। गर्मी को देखते हुए पीने के पानी और मेडिकल टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न स्थानों पर अधिकारियों को तैनात किया गया है। 1100 जवानों को तैनात किया गया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमित कुमार मिश्रा के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 1100 जवानों को तैनात किया गया है। इनमें हरदा जिले के अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, रायसेन, छिंदवाड़ा, सिवनी, जबलपुर, सागर और नरसिंहपुर जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। जावरा, धार, इंदौर, जबलपुर और सागर से पांच बटालियन के जवान भी शहर में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहकर हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। आंदोलन से जुड़े सुनील गोल्या और मनोज पटेल ने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर गांव-गांव जाकर संपर्क किया गया है। आंदोलन में शामिल किसानों ने ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ की रणनीति बनाई है, जिसके तहत वे अपने ट्रैक्टरों में खाने-पीने का सामान और बिस्तर लेकर आएंगे। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन लंबा चल सकता है।
