ब्यावरा में सोमवार को पराली जलाने की एक घटना ने रेलवे संचालन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। खेतों में लगी आग से उठे घने धुएं के कारण रेलवे ट्रैक पर विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई, जिसके चलते दो ट्रेनों को बीच रास्ते रोकना पड़ा और एक ट्रेन को सुरक्षित स्थान पर रिवर्स करना पड़ा। भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल गई और रेलवे लाइन के आसपास का क्षेत्र धुएं में ढंक गया। बीना से नागदा की ओर जा रही एक यात्री ट्रेन जब ब्यावरा स्टेशन से लगभग 6 किलोमीटर पहले पहुंची, तो लोको पायलट को आगे का रास्ता दिखना बंद हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने यात्री ट्रेन को पीछे की ओर रिवर्स कर सुरक्षित दूरी पर ले जाने का निर्णय लिया। इसके पीछे आ रही साबरमती एक्सप्रेस को भी ब्यावरा रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा। आग बुझने के बाद दोनों गाड़ियां रवाना घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक रेल संचालन काफी देर तक प्रभावित रहा। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रैक के पूरी तरह सुरक्षित होने तक ट्रेनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। ट्रैक पर कुछ दिख नहीं रहा था बीना-नागदा ट्रेन के मैनेजर जोन सिंह मीना ने बताया, “ट्रैक के आसपास इतना ज्यादा धुआं था कि आगे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन को तुरंत रोका गया और बाद में रिवर्स कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
