इंदौर में शुक्रवार को एमवाय अस्पताल परिसर में वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल को तोड़ने पहुंची टीम के सामने विवाद की स्थिति बन गई। करीब पौन घंटे तक विरोध चला, जिसके बाद टीम को लौटना पड़ा। दरअसल, वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल के पास एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है, जिसके चलते इसे खाली कराकर तोड़ा जाना है। यहां रहने वाले 15 नर्सिंग स्टाफ को एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने पहले भी नोटिस दिए थे, लेकिन वे लगातार समय मांग रहे थे। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की टीम पुलिस बल, बाउंसर और मजदूरों के साथ पहुंची और हथौड़ों से तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस पर नर्सिंग स्टाफ ने विरोध किया, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। महिला स्टाफ का कहना था कि वे पहले ही आवेदन देकर छह माह का समय मांग चुकी हैं। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला ने भी उन्हें आश्वस्त किया था, लेकिन बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। आईडीए की बिल्डिंग का किराया ही 9 हजार स्टाफ का कहना है कि हॉस्टल के पीछे बने पुराने स्टाफ क्वार्टरों को 6 माह का समय दिया है। इसी तरह केईएच कम्पाउंड और दवा बाजार के सामने सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को भी 6 माह का समय मिला है, लेकिन उन्हें बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विकल्प के रूप में आईडीए की निरंजनपुर बिल्डिंग में शिफ्ट होने को कहा गया है, जहां किराया 9 हजार रुपए है, जिसे वे वहन नहीं कर सकते। इस दौरान मजदूरों ने हॉस्टल के जर्जर हिस्से के एक कमरे को तोड़ना शुरू किया, जिससे विवाद और बढ़ गया। महिलाओं ने कहा कि ऊपर स्टाफ रह रहा है और इससे अन्य कर्मचारियों को भी नुकसान हो सकता है। काफी विरोध के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। स्टाफ का कहना है कि वे हॉस्टल खाली करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें छह माह का समय दिया जाए। 773 करोड़ की लागत से बननी है बिल्डिंग एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है। इसकी लागत 773 करोड़ रुपए है। यह नौ मंजिला होगी और इसमें 1700 बेड होंगे। 81.5 एकड़ में बनने वाले इस प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में 34 ऑपरेशन थिएटर, 320 ICU बेड और 500 बिस्तरों का नर्सिंग हॉस्टल होगा। इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
