मप्र पुलिस ने लोगों से जुड़ाव के लिए एक पहल की है। भर्ती होकर आए नए आरक्षकों को गांवों में सर्वे के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस की ट्रेनिंग शाखा ने पहली बार ‘विलेज कनेक्ट’ प्रयोग के तहत प्रदेश के 8 ट्रेनिंग सेंटरों के आसपास 64 गांव गोद लेकर 27 बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कराई है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, अपराध की स्थिति, स्वच्छता, आंगनबाड़ी, खेल मैदान और पशुपालन आदि शामिल हैं। यह जानकारी संबंधित विभागों से साझा की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक कई गांवों में आज भी बेटियों को कई किमी दूर स्कूल जाना पड़ता है, आधे से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं, मोबाइल नेटवर्क नहीं है। कई जगह अवैध शराब व नशा सामाजिक संकट बन चुका है। शराब की वजह से पारिवारिक झगड़े बढ़े इंदौर के मोरौद गांव से हायर सेकंडरी स्कूल 10-12 किमी दूर है। परिवहन साधन न होने से बेटियां स्कूल नहीं जा पा रही हैं। सागर के भोलगढ़, गोडहर, लोही, खजुवा गांवों में अवैध शराब की बिक्री और नशा एक गंभीर मुद्दा है। उज्जैन के करोंदिया में शराब से पारिवारिक झगड़े बढ़ रहे हैं। गांवों में 40-50% युवा बेरोजगार उमरिया के अंचला गांव में 1215 तो महरोई में 807 युवा बेरोजगार हैं। सागर के डूडर बनहोरी (50%), लिधोराखुर्द (45%) और पिपरिया (40%) में बेरोजगारी की दर बहुत ऊंची है। पचमढ़ी के राईखेड़ा में 39% युवाओं को काम की तलाश है। ग्वालियर के तालपुरा में भी ऐसी ही स्थिति है। पानी नहीं, पशु फसल उजाड़ रहे ट्रेनिंग का स्तर सुधारेगा विलेज कनेक्ट प्रोग्राम… अभी तक आरक्षकों को 9 महीने की ट्रेनिंग के दौरान इनडोर-आउटडोर ट्रेनिंग ही दी जाती रही है। विलेज कनेक्ट से नवआरक्षकों में आमजन से बात करने का सलीका आएगा, फील्ड पोस्टिंग की कठिनाइयों का भी अंदाजा होगा। – राजाबाबू सिंह, एडीजी ट्रेनिंग
