घर में रोज की तरह बातचीत चल रही थी। कहीं पति-पत्नी के बीच झगड़ा था, कहीं जमीन को लेकर परिवार में मनमुटाव था तो कहीं शराब पीने पर किसी ने डांट दिया। बाहर से देखने पर ये वही बातें थीं, जो अक्सर परिवारों में होती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में पिछले करीब ढाई महीने में सामने आए कई हत्या के मामलों में यही छोटी-छोटी बातें इतनी बढ़ीं कि परिवार के ही एक सदस्य ने दूसरे की जान ले ली। कहीं बहू पर ससुर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा, कहीं दामाद ने ससुर को मार डाला और एक मामले में चाचा पर अपनी दो साल की भतीजी को जलते चूल्हे की आग में फेंक दिया। घटनाओं में पति-पत्नी, भाई-भाई, बेटा-माता-पिता, बहू-ससुर, सौतेली मां-बेटे, दामाद-ससुर और चाचा-भतीजी जैसे रिश्ते हत्या के मामलों में सामने आए। वजहें भी अलग-अलग थीं। कहीं जमीन और पैसे का विवाद था, कहीं शराब को लेकर झगड़ा, कहीं पति-पत्नी के बीच शक था और कहीं डांटने जैसी बात के बाद मामला इतना बढ़ा कि जान चली गई। आखिर क्यों घर के विवाद रिश्तों के कत्ल तक पहुंचे? 75 दिनों में सामने आए 16 मामलों की पूरी कहानी पढ़िए:- जशपुर में बहू ने ससुर की हत्या की साजिश रची जुलाई की शुरुआत जशपुर के एक मामले से हुई। दुलदुला इलाके में 70 साल के बुजुर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी बहू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। जांच में बहू पर अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा। बुजुर्ग के हाथ-पैर बांधे गए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया था। वारदात को लूट का रूप देने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामला सुलझाने का दावा किया। इसी जुलाई में एक और मामले में रिश्ते की तस्वीर कुछ अलग थी। रायगढ़ में एक बुजुर्ग दंपती की हत्या के मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया। इस मामले में विवाद जमीन को लेकर था। पुलिस के मुताबिक दोनों भाइयों ने घर में घुसकर बुजुर्ग की हत्या की, उसकी पत्नी को भी मार दिया और सबूत मिटाने के लिए घर और शवों को आग लगा दी। कबीरधाम में पत्नी और चचेरे भाई पर पति की हत्या का आरोप 26 जुलाई को कबीरधाम के सहसपुर लोहारा इलाके में महेश साहू का शव सड़क किनारे मिला। सिर, हाथ और पैरों पर चोट के निशान थे। पुलिस ने जांच शुरू की तो मामला परिवार तक पहुंचा। पुलिस के मुताबिक मृतक की पत्नी नीता साहू और उसके चचेरे भाई ओदराम साहू ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। जांच में सामने आया कि पति के शराब पीने और आए दिन होने वाले घरेलू विवाद से पत्नी परेशान थी। पुलिस के अनुसार दोनों ने पत्थर से सिर पर वार किया और फिर शव को सड़क किनारे इस तरह छोड़ दिया कि मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल पत्थर और दूसरे सामान बरामद करने का दावा किया। यहां रिश्ते की एक और परत सामने आती है। जिस व्यक्ति के साथ शादी के बाद घर बसाया, उसी की हत्या के आरोप में पत्नी का नाम आया और उसके साथ उसका अपना चचेरा भाई भी आरोपी बना। सौतेली मां से विवाद हुआ, बेटे ने लकड़ी से हमला कर दिया अगस्त में सक्ती का मामला सामने आया। यहां 38 साल के अनिल कुमार पर अपनी सौतेली मां कौशिल्या सिदार की हत्या का आरोप लगा। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच छोटी-छोटी घरेलू बातों को लेकर अक्सर विवाद होता था। 10 अगस्त की शाम भी घर में किसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। पुलिस के अनुसार नशे की हालत में अनिल ने घर में रखी लाठी से सौतेली मां पर हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल हुई और उसकी मौत हो गई। आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अंबिकापुर में पत्नी पर शक, दो लोगों की मौत अगस्त में अंबिकापुर के बिसरपानी दारापारा में भी पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक पत्नी के चरित्र पर शक को लेकर विवाद हुआ। आरोपी पति पर पत्नी और एक अन्य युवक पर फावड़े से हमला करने का आरोप लगा। दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पति को गिरफ्तार किया। यहां विवाद की शुरुआत पति-पत्नी के बीच शक से हुई, लेकिन मामला दो लोगों की मौत तक पहुंच गया। कोरबा में सिर्फ डांट से नाराज होकर मौसी की हत्या 31 अगस्त को कोरबा के बांकी मोंगरा इलाके में सामने आया मामला इससे अलग था। यहां शराब के नशे में घर लौटे युवक को उसकी मौसी ने डांटा। पुलिस के मुताबिक युवक को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि उसने लकड़ी से मौसी के सिर पर कई वार कर दिए। महिला की मौत हो गई। इस मामले की रिपोर्टों में बताया गया कि मामूली डांट के बाद विवाद बढ़ा और आरोपी ने अपनी ही मौसी पर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। एक ही परिवार के रिश्ते में यहां कोई जमीन का बड़ा विवाद नहीं था। बात सिर्फ डांटने से शुरू हुई और हत्या तक पहुंच गई। रायपुर में दामाद ने ससुर की हत्या की सितंबर की शुरुआत में रायपुर के धरसीवां का मामला सामने आया। यहां दामाद हेमराज निषाद पर अपने ससुर मोहन निषाद की हत्या का आरोप लगा। पुलिस के मुताबिक जमीन बेचने से मिली करीब एक करोड़ रुपए की रकम को लेकर विवाद था। 3 सितंबर की रात ससुर ने दामाद को पार्टी के लिए बुलाया था। पुलिस के अनुसार इसी दौरान विवाद हुआ और दामाद ने ससुर की हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। 4 सितंबर की रात पुलिस गश्त के दौरान एक वाहन को रोकने की कोशिश में मामला खुला। पुलिस ने दामाद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इस मामले में रिश्ता था दामाद और ससुर का, और विवाद जमीन की रकम का। धमतरी में शक ने पति-पत्नी के रिश्ते को खत्म कर दिया धमतरी के सुपेला इलाके में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा सितंबर में हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस को हत्या का शक हुआ। जांच में पति पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगा। पुलिस के मुताबिक पत्नी के मोबाइल पर किसी से बात करने को लेकर पति को शक था। विवाद के बाद उसने रस्सी से गला घोंट दिया और फिर शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। यहां भी शुरुआत घर के अंदर के विवाद से हुई और बाद में पति पर हत्या और सबूत छिपाने की कोशिश का आरोप लगा। 9 सितंबर को कोरबा में घर बनाने की बात पर पत्नी की हत्या कोरबा के पाली इलाके में 9 सितंबर को पति-पत्नी के बीच विवाद का मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक, घर बनाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान पति ने सीमेंट के डंबल से पत्नी पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण पत्नी की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक तरफ जमीन बेचने की रकम को लेकर दामाद-ससुर के बीच विवाद हत्या तक पहुंचा, वहीं दूसरी तरफ घर बनाने जैसी घरेलू बात पर पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद जानलेवा हो गया। अब रिश्ते की कड़ी में चाचा-भतीजी भी 10 सितंबर को बिलासपुर से आया मामला इस पूरी कड़ी को और बड़ा करता है। यहां दो साल की बच्ची की मौत के मामले में उसके चाचा नितिन कुमार लोनिया पर गंभीर आरोप लगा। रिपोर्ट के मुताबिक पारिवारिक विवाद के दौरान चाचा ने बच्ची को जलते लकड़ी के चूल्हे में बैठा दिया। बच्ची गंभीर रूप से झुलसी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की। यह मामला पति-पत्नी या भाई-भाई के झगड़े से अलग है। यहां परिवार के दो बड़ों के बीच विवाद की कीमत एक दो साल की बच्ची को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। रिश्ते अलग, विवाद की वजहें भी अलग जुलाई से 10 सितंबर तक सामने आए इन मामलों को देखें तो एक ही तरह की वजह हर जगह नहीं थी। कहीं जमीन और संपत्ति का विवाद था। रायगढ़ में जमीन की पुरानी रंजिश का मामला सामने आया, जबकि रायपुर में जमीन बेचने से मिली रकम को लेकर दामाद पर ससुर की हत्या का आरोप लगा। कहीं शराब विवाद की वजह बनी। कबीरधाम में पति के शराब पीने और घरेलू झगड़े का जिक्र पुलिस की जांच में आया। सक्ती में भी सौतेली मां और बेटे के बीच विवाद के दौरान आरोपी के नशे में होने की बात सामने आई। कोरबा में मौसी की डांट से नाराज भतीजे पर हत्या का आरोप लगा। कुछ मामलों में हत्या की वजह शक भी सामने आया। अंबिकापुर में पत्नी के चरित्र पर शक और धमतरी में पति के मोबाइल पर बात करने को लेकर शक की बात पुलिस जांच में सामने आई। वहीं, कुछ मामलों में विवाद की शुरुआत बेहद छोटी बातों से हुई। कहीं घर के विवाद, कहीं डांट-फटकार तो कहीं घर बनाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा हत्या तक पहुंच गया। हत्या के बाद कहानी बदलने की कोशिश भी इन मामलों में सिर्फ हत्या तक बात नहीं रुकी। कुछ मामलों में पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने वारदात को दूसरी घटना दिखाने की कोशिश भी की। कबीरधाम में शव को सड़क किनारे छोड़कर सड़क हादसा दिखाने की कोशिश का आरोप लगा। धमतरी में हत्या को आत्महत्या जैसा दिखाने के लिए शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगा। रायपुर में ससुर की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की गश्त के दौरान मामला खुल गया। जशपुर में भी हत्या को लूट का रूप देने की कोशिश का जिक्र पुलिस की जांच में सामने आया। रिश्ते बचे रहे, लेकिन भरोसा नहीं इन घटनाओं में कोई एक रिश्ता नहीं है। पति-पत्नी हैं, भाई हैं, सौतेले रिश्ते हैं, बहू-ससुर हैं, दामाद-ससुर हैं, मौसी-भतीजा हैं और अब चाचा-भतीजी का मामला भी सामने आया है। किसी मामले में वजह जमीन थी, किसी में पैसा, किसी में शराब, किसी में शक और किसी में घर की छोटी-सी बात। लेकिन पुलिस की जांच में सामने आए मामलों में एक बात समान दिखती है। घटना के आरोपी और मृतक के बीच पहले से कोई न कोई पारिवारिक रिश्ता था। यही वजह है कि जुलाई से 10 सितंबर तक सामने आए इन मामलों की सूची में बाहर के दुश्मन से ज्यादा अपने ही रिश्तों के नाम दिखाई देते हैं। हालांकि इन मामलों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि छत्तीसगढ़ में हत्या के ज्यादातर मामलों में रिश्तेदार ही आरोपी हैं। इसके लिए राज्य में दर्ज कुल हत्या के मामलों और उनमें पारिवारिक आरोपियों का आधिकारिक पुलिस आंकड़ा जरूरी होगा। अभी न्यूज रिपोर्टों में सामने आए मामलों की तस्वीर यही बताती है कि इस अवधि में परिवार के भीतर के विवाद कई बार हत्या तक पहुंचे। ……………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 2 साल की भतीजी को जलते चूल्हे में डाला, मौत:बिलासपुर में भाभी को लेकर भागा देवर, लौटने के बाद विवाद में जिंदा जलाया छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पारिवारिक विवाद के दौरान चाचा ने अपनी 2 साल की भतीजी को जलते लकड़ी के चूल्हे में बैठा दिया। बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई और बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
