लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) ग्वालियर की गुवाहाटी ब्रांच में बीमारी से पश्चित बंगाल की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद से धरने पर बैठे छात्रों ने आज फिर से संस्थान का प्रशासनिक भवन बंद करा दिया। खेल मंत्रालय से आई टीम से वार्ता विफल होने के बाद छात्र नारेबाजी करते हुए ऑडिटोरियम से बाहर निकले और भवन के चैनल गेट बंद कर दिए। 15 दिन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जांच टीम से छात्रों ने दो टूक कहा कि जब वीसी पर प्रेशर आया तो रातोंरात कमेटी बन गई और आप आ गए। हम 14 दिन से धरने पर बैठे थे तब आप कहां थे। बता दें कि छात्रों ने मंगलवार रात करीब 3 घंटे कुलगुरु, रजिस्ट्रार सहित पूरे स्टाफ को बंधक बना रखा था। रात 9 बजे पुलिस ने पहुंचकर सभी को बाहर निकाला। दो घंटे चली बैठक, टीम की आईडी देखी खेल मंत्रालय की टीम और छात्रों के बीच करीब दो घंटे बैठक चली। टीम ने कार्यवाही का भरोसा भी दिलाया पर छात्र रजिस्ट्रार को हटाने और मृत छात्रा के परिजनों को 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की मांग पर अड़े रहे। छात्रों का कहना है कि टीम ठोस आश्वासन भी नहीं दे सकी। इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले छात्रों ने खेल मंत्रालय से आई टीम के सदस्यों की आईडी चेक की और टीम भेजे जाने से संबंधित दस्तावेज मांगे। उन्हें आशंका थी कि एडमिनिस्ट्रेशन किसी को अधिकारी बनाकर ला सकता है और झूठे आश्वासन देकर आंदोलन खत्म करा सकता है। टीम में ये थे शामिल मंत्रालय की टीम में साई के सेक्रेटरी श्रीराम सिंह, डायरेक्टर डेपुटेशन ममता श्री ओझा और खेलो इंडिया के जॉइंट सेक्रेटरी विनील कृष्णा रवैला शामिल थे। ग्वालियर के एडीएम अतुल सिंह भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में छात्रों के अलावा संस्थान के शिक्षक, मीडिया, कुलगुरु और रजिस्ट्रार को शामिल नहीं किया गया। छात्रों ने कहा- 14 दिन से धरने पर हैं, अब समाधान चाहिए छात्रों ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को दोहराया। उनका कहना था कि वे पिछले 14-15 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। उनकी मांगें पहले से स्पष्ट हैं, इसलिए अब दोबारा समस्याएं बताने के बजाय वे यह जानना चाहते हैं कि मंत्रालय इनका समाधान कब और कैसे करेगा। छात्रों ने टीम से कहा, “जब वीसी पर प्रेशर आया तो रातोंरात कमेटी बन गई और आप आ गए। हम 14 दिन से धरने पर बैठे थे, तब आप कहां थे?” छात्रों का आरोप था कि इससे पहले भी कई टीमें उनसे बातचीत कर चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों ने प्रशासनिक भवन और कार्यालय बंद कराए ऑडिटोरियम से बाहर आने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक ब्लॉक और अन्य कार्यालयों का रुख किया। छात्रों ने कार्यालयों के चैनल गेट बंद करा दिए। छात्रों का कहना था कि जब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है तो संस्थान के कार्यालयों में कामकाज का क्या मतलब है। छात्रों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार से भूख हड़ताल भी जारी प्रदर्शनकारी छात्रों ने मंगलवार से भूख हड़ताल भी शुरू की है। पहले दिन चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे। बुधवार को दूसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी रही। मीडिया से बचकर भागी जांच टीम मामले में मीडिया ने जांच टीम से सवाल करना चाहा, तो टीम के सदस्य बनकर भागते नजर आए। हालांकि कार में बैठने के बाद महिला अधिकारी ने बस इतना कहा कि छात्रों से चर्चा सार्थक रही है। श्रुति की मौत के बाद शुरू हुआ आंदोलन LNIPE की गुवाहाटी ब्रांच में पढ़ने वाली पश्चिम बंगाल की छात्रा श्रुति उपाध्याय की बीमारी के चलते मौत के बाद छात्र संस्थान प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में संस्थान के रजिस्ट्रार को हटाना और दिवंगत छात्रा के परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देना शामिल है। छात्रों का आरोप है कि रजिस्ट्रार के अकुशल प्रबंधन के कारण उन्होंने अपनी साथी को खोया। धरना स्थल पर श्रुति की तस्वीर लगाई गई है, जहां प्रदर्शनकारी रोज श्रद्धांजलि अर्पित कर धरना दे रहे हैं। मंगलवार रात कुलगुरु समेत स्टाफ को बंधक बनाया इससे पहले मंगलवार शाम छात्रों ने करीब तीन घंटे तक संस्थान के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक को बंद रखा था। उस दौरान कुलगुरु, रजिस्ट्रार समेत अन्य स्टाफ कार्यालय में मौजूद था। छात्रों ने उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया। रात करीब 9 बजे पुलिस पहुंची और कुलगुरु व अन्य स्टाफ को पुलिस अभिरक्षा में बाहर निकाला गया था। छात्रों ने चेतावनी दी थी कि उनकी मांगों पर बुधवार तक विचार नहीं हुआ तो संस्थान में कामकाज नहीं होने दिया जाएगा।
