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7 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेंगे अफसर, मौके पर सुलझेंगी शिकायतें:CS ने कलेक्टरों को दिए निर्देश, बोले- जन विश्वास अभियान में लापरवाही नहीं चलेगी

राज्य सरकार के प्राथमिकता वाले मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की शुरुआत 7 अगस्त से होगी। इससे पहले बुधवार को मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने प्रदेशभर के कलेक्टरों, संभागायुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बतौर मुख्य सचिव पहली बार कलेक्टरों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वार्ड और पंचायत स्तर पर इकाइयां बनाकर शिविर से एक सप्ताह पहले क्षेत्र की समस्याओं और लंबित आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि अभियान के दौरान लोगों को त्वरित राहत मिल सके। अभियान की तैयारियों के दिए निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर, संभागायुक्त, जिला पंचायतों के सीईओ और अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने कहा कि वार्ड और पंचायत स्तर पर इकाइयां बनाकर शिविर आयोजित किए जाएंगे। संबंधित क्षेत्रों में शिविर से पहले लंबित समस्याओं और नागरिकों के आवेदनों के निराकरण की कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने अभियान को परिणाम आधारित बनाने पर जोर दिया। हर शुक्रवार करेंगे योजनाओं की समीक्षा
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रत्येक शुक्रवार को संभाग और जिला स्तर के अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी योजना के लंबित प्रकरणों का निराकरण कराया जाएगा। साथ ही विकासखंड और ग्राम स्तरीय कार्यालयों का निरीक्षण भी किया जाएगा। कलेक्टरों को विकासखंड या क्लस्टर स्तर पर भ्रमण का कैलेंडर तय करने और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए। आम जनता से होगा सीधा संवाद
अभियान के तहत अधिकारियों का पहला कार्यक्रम आम जनता से संवाद होगा। संबंधित गांव या क्षेत्र के सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के लंबित मामलों की जानकारी साझा की जाएगी तथा नए आवेदन भी लिए जाएंगे। कार्यक्रम यथासंभव सरकारी भवनों के परिसर में आयोजित किए जाएंगे। संभागायुक्त भी प्रत्येक शुक्रवार को संभागीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण करेंगे और योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे। स्कूल, अस्पताल और राशन दुकानों का होगा निरीक्षण
भ्रमण के दौरान स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी केंद्र, उचित मूल्य की दुकान समेत अन्य सरकारी संस्थानों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। अधिकारियों को हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। पोर्टल से होगी मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने बताया कि अभियान की मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। लंबित आवेदनों के निराकरण के आधार पर जिलों का मूल्यांकन होगा। जिन मामलों में बजट या राज्य स्तर पर निर्णय की जरूरत होगी, उन पर संभागायुक्त विभागीय प्रमुखों से समन्वय करेंगे। अभियान के दौरान जनसंवाद के साथ उद्योग संवाद भी आयोजित होगा, जिसमें एमएसएमई और अन्य उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। इन मामलों का भी होगा निराकरण
अभियान के दौरान अविवादित नामांतरण, बंटवारा, खसरे में सुधार, फार्मर आईडी, आधार, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन समेत अन्य लंबित मामलों का निराकरण किया जाएगा। शिविर की तिथि तय होने के बाद संबंधित क्षेत्र के लंबित प्रकरणों का पहले से समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा खाद-बीज के गोदाम, गैस गोदाम और पेट्रोल पंपों का निरीक्षण भी अभियान का हिस्सा होगा।

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