मध्यप्रदेश के सतना में कुपोषण का एक और गंभीर मामला सामने आया है। मझगवां ब्लॉक के नयागांव में 5 माह की बच्ची मोहिनी प्रजापति गंभीर कुपोषण की हालत में मिली। चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची का एक कान जन्म से ही विकसित नहीं हुआ है। उसके पिता मुकेश कुमार और माता सावित्री देवी को बीएमओ ने आवश्यक समझाइश दी। हालत बिगड़ने पर बच्ची को रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बता दें कि दो दिन पहले ही जिले के सुरांगी में एक अन्य कुपोषित बच्ची की मौत हो चुकी है। बच्ची का वजन मात्र 2 किलो 327 ग्राम शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे चित्रकूट पहुंची संयुक्त स्वास्थ्य टीम ने नयागांव में बच्ची को चिन्हित किया। जांच में उसकी हालत बेहद चिंताजनक पाई गई। बच्ची का वजन मात्र 2 किलो 327 ग्राम दर्ज किया गया, जो उसकी उम्र के हिसाब से बेहद कम है और गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आता है। डॉक्टर बोले-ब्लड शुगर अनकंट्रोल बच्ची को पहले मझगवां के एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां पीडियाट्रिक आईसीयू में इलाज शुरू हुआ। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप द्विवेदी के अनुसार, बच्ची का ब्लड शुगर लगातार कम बना हुआ है और नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। इसलिए रेफर करना पड़ा। पोषण नहीं मिलने से बिगड़ती गई हालत परिजनों के मुताबिक, बच्ची का जन्म उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के सोनीपुर स्थित जिला अस्पताल में हुआ था। जन्म के बाद से ही उसका स्वास्थ्य सामान्य नहीं रहा, लेकिन समुचित इलाज और पोषण नहीं मिलने से हालत लगातार बिगड़ती गई। आंगनवाड़ी सहायिका को थी जानकारी स्थानीय आंगनवाड़ी सहायिका सुषमा को भी बच्ची की स्थिति की जानकारी थी, लेकिन समय पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं हो सका। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद समय रहते उचित कदम क्यों नहीं उठाए गए। यह खबर भी पढ़ें 7 महीने में कुपोषण से 3 बच्चों की मौत सतना जिले के माथे से कुपोषण का कलंक मिटने का नाम ही नहीं ले रहा है। कुपोषण की गंभीर स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मझगवां ब्लॉक अंतर्गत पिछले 7 माह में 3 बच्चों की कुपोषण ने जान ले ली है। पूरी खबर पढ़ें..
