मनावर में शनिवार रात गोगा नवमी के मौके पर वाल्मीकि समाज ने छड़ी निशान के साथ शोभायात्रा निकाली। यह यात्रा रात 9 बजे दलित मोहल्ला स्थित गोगा मेड़ी से शुरू हुई। समाज के युवाओं ने करीब 20 फीट लंबी और एक क्विंटल से ज्यादा वजनी छड़ी ध्वज निशान को अपनी कमर पर बांधकर डीजे और डोल की धुन पर डांस किया। वाल्मीकि समाज के महिला-पुरुषों ने गोगा महाराज के जयकारे लगाए और गीत गाए। वाल्मीकि समाज के युवा काना तोमर ने बताया कि छड़ी निशान समाज की आस्था का प्रतीक है। समाज के लोगों ने सुबह से ही अपने घरों में गोगा महाराज की पूजा की। उन्होंने कुंकुम, रोली, चावल, फूल और गंगाजल से पूजन किया। इसके बाद खीर, चूरमा और गुलगुले का भोग लगाया। लोक मान्यताओं के अनुसार, गोगा देव को सांपों के देवता के रूप में पूजा जाता है। उन्हें गुग्गा वीर, राजा मण्डलिक और जाहर पीर के नाम से भी जाना जाता है। शनिवार देर रात शोभायात्रा गोगामेड़ी पहुंची, जहां सलामी दी गई। मनावर विधायक डॉ. हिरालाल अलावा, नगर पालिका अध्यक्ष अजय पाटीदार,नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुमित खटोड, और भाजपा नेता सचिन पांडेय ने पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
