नागदा के पास महिदपुर रोड थाना क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री और महिदपुर रोड मंडल उपाध्यक्ष राम कुमावत के खिलाफ अवैध शराब का केस दर्ज होने के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है। राम कुमावत को भाजपा के पूर्व विधायक बहादुर सिंह चौहान का करीबी नेता माना जाता है। महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस और उज्जैन जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेश परमार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पुलिस ने भाजपा नेता के पास से पकड़ी गई शराब की असली मात्रा को कम दिखाया है। उनका आरोप है कि जहां करीब 30 पेटी शराब होने की बात सामने आई, वहीं पुलिस ने सिर्फ 30 क्वार्टर देशी शराब का केस बनाया। कांग्रेस विधायक ने कहा कि केस दर्ज होने के अगले ही दिन राम कुमावत महिदपुर रोड पर नवनियुक्त युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष हरजीत सिंह कड़ोदिया के स्वागत कार्यक्रम में सक्रिय रहा। शहर में फ्लैक्स और बैनर लगाए गए थे, और मंच बनाकर जिला अध्यक्ष का स्वागत किया गया। कुमावत ने इस कार्यक्रम से संबंधित रील सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की थी। इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। क्या है मामला दरअसल, शुक्रवार 11 सितंबर को महिदपुर पुलिस ने थाना क्षेत्र के ग्राम समगावली में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रामप्रसाद कुमावत के मकान पर दबिश दी थी। पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात सूचना मिली थी कि ग्राम समगावली में एक घर पर अवैध रूप से शराब रखी गई है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर भाजपा नेता रामप्रसाद कुमावत के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 31 क्वार्टर सफेद शराब, 3 लंदन प्राइड, 4 बीयर, मैकडॉवेल नंबर वन की एक बोतल तथा लाल शराब का एक क्वार्टर बरामद हुआ। इसकी कुल कीमत करीब 4 हजार रुपए बताई गई है। मामले में थाना प्रभारी रामसिंह भाभौर का कहना है कि मामला छोटा है। शराब घर में उपयोग के लिए लाई गई थी। संगठन में नहीं मिलेगा स्थान मामले पर युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष हरजीत सिंह कड़ोदिया ने कहा कि जिन लोगों का जिक्र किया जा रहा है, वे पिछली कार्यकारिणी के दौरान मंत्री पद पर थे और व्यक्तिगत रूप से वे उन्हें नहीं जानते। उन्होंने कहा कि महिदपुर में उनके स्वागत के लिए 100 से अधिक मंच लगाए गए थे, इसलिए उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि कौन व्यक्ति किस प्रकार के आचरण के मामले में चर्चा में है। कड़ोदिया ने कहा कि नई कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को दूर रखा जाएगा जो अवैध गतिविधियों या गलत कार्यों में संलिप्त पाए जाते हैं।
