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15 दिन में काम नहीं मिला तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता:MP में जी-राम-जी स्कीम लागू, सरकार पर बढ़ेगा 40% वित्तीय बोझ, 10 पॉइंट में जानिए कैसे मिलेगा फायदा

एमपी में 1 जुलाई से वीबी-जी राम जी स्कीम लागू हो गई है। इसका मकसद ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने के साथ गांवों में स्थायी विकास कार्य कराना है। योजना में कई नई व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। योजना में आवेदन के 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं होने पर पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। 15 दिन में मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर 16वें दिन से हर दिन की देरी पर 0.05% प्रतिदिन की दर से कंपनसेशन मिलेगा। योजना के प्रस्तावित नियम कैबिनेट में पेश किए जाने थे, लेकिन मंगलवार और बुधवार को कैबिनेट की बैठक नहीं हुई। इसलिए नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया। मप्र सरकार जल संरक्षण और बांध जैसे बड़े प्रोजेक्ट में भी इसे लागू करने की तैयारी कर रही है। योजना का क्रियान्वयन 60:40 के अनुपात में होगा, यानी केंद्र 60 फीसदी पैसा देगा और राज्य सरकार को 40 फीसदी वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। 10 पॉइंट्स में जानिए योजना का लाभ कैसे मिलेगा… 1. कितने दिन का रोजगार मिलेगा?
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन का अकुशल रोजगार मिलेगा। यह मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों से अधिक है। परिवार के वयस्क सदस्य स्वेच्छा से काम कर सकेंगे। 2. 15 दिन में काम नहीं मिला तो क्या होगा?
यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक दैनिक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिन के लिए मजदूरी दर का 25 फीसदी और उसके बाद में 50 फीसदी भत्ता मिलेगा। 3. मजदूरी कब और कैसे मिलेगी?
काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी साप्ताहिक आधार पर दी जाएगी। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। 4. मजदूरी में देरी हुई तो क्या होगा?
यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी नहीं मिलती, तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05% की दर से मुआवजा (कंपनसेशन) दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। 5. आवेदन की प्रोसेस क्या होगी?
रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन की रसीद भी अनिवार्य रूप से मिलेगी। 6. कौन कर सकेगा आवेदन?
जिस ग्रामीण परिवार का पंजीकरण होगा और जिसके वयस्क सदस्य का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा, वही योजना के तहत काम मांग सकेगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य आवेदन कर सकता है। 7. गांवों में किस तरह के काम होंगे?
योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई, आजीविका बढ़ाने वाले कार्य, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना और जलवायु परिवर्तन से बचाव से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे। इनका उद्देश्य गांवों की स्थायी संपत्ति तैयार करना है। 8. मॉनिटरिंग कैसे और कौन करेगा?
योजना में जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डेशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा रोकने, भुगतान की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया गया है। 9. कमजोर और वंचित वर्ग को प्राथमिकता
राज्य सरकार वंचित और जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की आजीविका सुरक्षा को मजबूत करना है। 10. सिर्फ रोजगार नहीं, गांवों के विकास पर भी फोकस
योजना का लक्ष्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ के तहत गांवों का समग्र विकास करना है। पंचायत स्तर की योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विकास योजनाओं से जोड़कर दीर्घकालिक ग्रामीण विकास सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।

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