ग्वालियर में साइबर ठगों द्वारा ठगी की रकम को ‘व्हाइट मनी’ में बदलने का नया तरीका सामने आया है। एक शातिर ने सराफा बाजार स्थित ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स’ से 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा और भुगतान राष्ट्रीय स्तर की साइबर ठगी से हासिल रकम को ऑनलाइन ट्रांसफर कर किया। पुलिस के अनुसार, झांसी रोड स्थित माधव नगर निवासी सराफा कारोबारी अजय मंगल का लश्कर सराफा बाजार में ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से शोरूम है। 4 अप्रैल 2026 को अभिषेक परिहार नाम का युवक शोरूम पहुंचा और 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदने का सौदा किया। उसने एडवांस के रूप में ₹1 लाख एनईएफटी और ₹10 हजार आईएमपीएस के जरिए जमा कराए। अगले दिन 5 अप्रैल को वह फिर शोरूम पहुंचा। उसने ₹5 लाख और ₹1.41 लाख ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर से तथा ₹52,900 कैश देकर पूरी राशि का भुगतान किया। इसके बाद कारोबारी ने जीएसटी का पक्का बिल जारी कर उसे 50 ग्राम का सोने का सिक्का सौंप दिया। 24 अप्रैल को खाता हुआ होल्ड, बेंगलुरु पुलिस से मिला नोटिस करीब 20 दिन बाद, 24 अप्रैल को कारोबारी का बैंक खाता अचानक होल्ड हो गया। बैंक ने ई-मेल के जरिए बताया कि खाते में आई ₹5.10 लाख की राशि को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के निर्देश पर फ्रीज किया गया है। इसके बाद 4 जून को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस का नोटिस मिला। नोटिस में बताया गया कि सोने के सिक्के के भुगतान में इस्तेमाल किए गए ₹5.10 लाख, बेंगलुरु के एक कारोबारी से हुई 14 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का हिस्सा थे। ठगों ने ठगी की रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर सोने का सिक्का खरीद लिया। जानकारी मिलते ही अजय मंगल कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खरीदारी के समय जमा कराए गए आधार कार्ड से पता चला कि अभिषेक परिहार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा इलाके का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया- सराफा व्यवसायी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। शोरूम के सीसीटीवी का बैकअप केवल 15 से 20 दिन का होने के कारण घटना के फुटेज नहीं मिल सके, लेकिन आधार विवरण और साइबर ट्रेल के आधार पर जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।
