केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में रेलवे कर्मचारियों के बोनस और दिव्यांग पेंशन से जुड़े अहम फैसले लिए हैं। रेलवे के करीब 11.40 लाख पात्र कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस मिलेगा। वहीं, दिव्यांग पेंशन के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। 2026-27 से 2030-31 तक इस योजना पर ₹53,428 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इससे देशभर के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा। 1. रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे के करीब 11 लाख 40 हजार पात्र कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) दिया जाएगा। इस पर करीब ₹2,009 करोड़ खर्च होंगे। वैष्णव ने कहा कि रेलवे कर्मचारी दिन-रात काम करते हैं। जब लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, तब भी कर्मचारी रेलवे ट्रैक, इंजन और वर्कशॉप में ड्यूटी करते हैं। उनकी मेहनत को देखते हुए बोनस देने का फैसला किया गया है। 2. दिव्यांग पेंशन के नियम बदले दिव्यांग पेंशन योजना के तहत अब 0 से 79 साल की उम्र के लाभार्थियों को ₹375 और 80 साल या उससे ज्यादा उम्र वालों को ₹625 की सहायता मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है। साथ ही, पेंशन के लिए न्यूनतम उम्र की शर्त जन्म से लागू होगी। नए नियमों, पात्रता और लाभार्थियों की संख्या को लेकर दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी किए जाएंगे। 3. सामाजिक सहायता योजना 5 साल तक जारी रहेगी कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार के मुताबिक, देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसका फायदा मिलेगा। इस योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। इसके तहत बुजुर्गों की पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना और विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना होगा। दिव्यांग पेंशन योजना को प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना को प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना नाम दिया जाएगा। बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन योजनाएं और परिवार लाभ योजना पहले की तरह जारी रहेंगी।
