राजगढ़ जिले में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में हाईवे पर चक्काजाम के दौरान पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर की बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री (एसई) से फोन पर तीखी बहस हुई। तंवर ने कहा, “सुन लो एसई साहब, आप भी पिटोगे, हम भी पिटेंगे, बचेगा नहीं कोई।” अधिकारी ने जवाब दिया कि बिजली कटौती रोकना उनके हाथ में नहीं है। इस पर तंवर ने नाराजगी जताई और ग्रामीणों से सांसद-विधायकों को घेरने तथा उन्हें घरों से बाहर नहीं निकलने देने की अपील की। लोड शेडिंग से नाराज ग्रामीणों ने किया चक्काजाम सेमली कलां के सरपंच और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रेम सिंह परिहार के नेतृत्व में मंगलवार रात कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने ढाबला जोड़ पर चक्काजाम किया। प्रदर्शन में पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर, पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी और भोजपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह खींची सहित आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए। भोजपुर, सेमली कलां, करकरी, चिब्बड़ और ढाबली सहित आसपास के गांवों में बार-बार बिजली कटौती से ग्रामीण नाराज थे। उनका आरोप था कि लोड शेडिंग के नाम पर बिना सूचना बिजली बंद की जा रही है। चक्काजाम के दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। एसई से बोले- ‘आप जीने दोगे या नहीं?’ चक्काजाम के दौरान सड़क पर बैठे तंवर ने बिजली विभाग के एसई को फोन लगाया। उन्होंने कहा, “जब देखो, आप बोलते हो लोड शेडिंग है। आप जीने दोगे या नहीं?” फोन लाउडस्पीकर पर था। अधिकारी ने जवाब दिया, “मेरे हाथ में नहीं है।” इस पर तंवर ने कहा कि किसान अपनी समस्या लेकर जनप्रतिनिधियों के पास आते हैं और वे अधिकारियों तक बात पहुंचाते हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समस्या को उच्च स्तर तक पहुंचाएं। उन्होंने सवाल किया कि यदि एसई के हाथ में कुछ नहीं है तो सरकार ने उन्हें इस पद पर क्यों बैठाया है। तंवर ने आगे कहा, “सुन लो एसई साहब, ये जनता है। ये किसी को नहीं देखती। आप भी पिटोगे और हम भी पिटेंगे। सब नेता भी पिटेंगे और तुम भी पिटोगे। बचोगे नहीं कोई भी।” बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों के हाथों में पत्थर होने की बात भी कही। जाम खत्म कर बोले- दूसरे लोगों को परेशान नहीं करना चाहते करीब एक घंटे चले चक्काजाम के बाद तंवर ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि जाम के कारण बस, ट्रक और दूसरे वाहनों में सवार लोग परेशान हो रहे थे। उन्हें भी समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना था। तंवर ने कहा, “इमरजेंसी के मामले भी रहते हैं। गाड़ी, बस और ट्रक वालों को समय पर पहुंचना है। वे भी हमारे और किसानों जैसे इंसान हैं। उनकी मजबूरी को देखते हुए आज हमने चक्काजाम समाप्त कर दिया। हम भी किसी को परेशान नहीं करना चाहते।” सांसद-विधायकों को घेरने की अपील तंवर ने कहा कि जिले में भाजपा के पांच विधायक, दो कैबिनेट मंत्री और भाजपा के सांसद हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने की अपील की। तंवर ने कहा, “जो लोग सरकार चला रहे हैं, जो सरकार में बैठे हैं, सांसद हैं, विधायक हैं, हमारे जिले के दो मंत्री और पांच विधायक हैं, इन सबको घेरो। इनके घरों से इन्हें मत निकलने दो, तब जाकर आपको बिजली मिलेगी। तब ये ऊपर बात करेंगे, मुख्यमंत्री सुनेंगे और ऊर्जा मंत्री सुनेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि जनप्रतिनिधियों का घेराव करने पर ही किसानों की समस्या ऊपर तक पहुंचेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपने वोट की ताकत दिखाने की अपील भी की। ग्रामीणों ने नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग से नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और बार-बार हो रही कटौती का स्थायी समाधान करने की मांग की। प्रेम सिंह परिहार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि बिजली कटौती से किसानों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों को परेशानी हो रही है। प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
