मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्टोन क्रेशर की 100 फीट गहरी खदान में डूबने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। इनमें 2 भाई बहन और बुआ शामिल हैं। पिता रोते हुए अपने मासूम बच्ची का शव कंधे पर रखकर एंबुलेंस तक ले गए, जिसका वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। मृतकों की पहचान निखरा पारदी (5), नम्रता पारदी (11) और 35 वर्षीय बुआ सायराबाई पारदी के रूप में की गई है। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… मां-बुआ के साथ नहाने गए थे बच्चे बच्चों के पिता सनेश ने बताया, हम बैरसिया के जम्मूसर कड़ैया गांव के रहने वाले हैं। यहां कबाड़ और भंगार बीनने का काम करते हैं। घटना के समय बच्चे वहां नहाने गए थे। उनके साथ उनकी मां भी थीं। इसी दौरान पानी में एक गेंद (बॉल) चली गई, जिसे निकालने के चक्कर में बच्चे आगे बढ़ गए। उन्होंने बताया- बच्चों को तैरना नहीं आता था। उनकी मां किसी तरह तैरकर बाहर निकल आईं, लेकिन दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए। दूसरी तरफ बच्चों की बुआ भी मौजूद थीं। उन्होंने बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी पानी में डूब गईं। 100-200 फीट गहरी खदान, पानी के अंदर कटीले तार सनेश के मुताबिक, खदान की गहराई करीब 100-200 फीट है। अंदर कटीले तार भी पड़े हुए हैं। बच्चों की मां बड़ी मुश्किल से खदान से बाहर निकल सकीं। इसके बाद उन्होंने हमें फोन कर घटना की जानकारी दी। जब तक हम मौके पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मैंने अपने बेटे और बेटी को खो दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मची हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही ब्यावरा सिटी थाना पुलिस और प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर खदान में रेस्क्यू अभियान शुरू किया। गहरी खदान की वजह से करीब एक घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शव पानी से बाहर निकाले गए। इसके बाद उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ब्यावरा ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। 100-200 फीट गहरी है खदान स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में कई स्टोन क्रेशर संचालित हैं। इनके पास खनन के लिए गहरी खदानें बनाई गई हैं। कई स्थानों पर अनुमति से अधिक खुदाई कर खदानों को सैकड़ों फीट गहरा कर दिया गया है। इन खदानों की गहराई 100 से 200 फीट तक है, जिसके कारण वे लोगों के लिए ‘मौत का कुआं’ बन चुकी हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंपे गए शव ब्यावरा सिटी थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि खदान में डूबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए गए।
