प्रदेश की हर विधानसभा में अब सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इनमें खेल मैदानों के साथ फिटनेस सेंटर, चेंजिंग रूम, उपकरण कक्ष, फायर सेफ्टी सिस्टम और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं होंगी। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं के संचालन के लिए हेलीपैड का प्रावधान भी किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माणाधीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता के साथ परिसर की उपयोगिता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। एक ही परिसर में कई खेलों की सुविधा सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बैडमिंटन, एथलेटिक्स ट्रैक, मार्शल आर्ट, टेबल टेनिस, खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल सहित कई खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे बच्चों और युवाओं को अपने विधानसभा क्षेत्र में ही नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। परिसर में एडमिन ब्लॉक, फिटनेस सेंटर, उपकरण कक्ष, चेंजिंग रूम, इलेक्ट्रिकल रूम और फायर सेफ्टी सिस्टम भी होंगे। दिव्यांग खिलाड़ियों और अन्य दिव्यांगजनों के लिए उनकी जरूरत के अनुरूप विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा प्रशिक्षण का मंच सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें बेहतर मैदान, प्रशिक्षण, उपकरण और मार्गदर्शन देने की है। विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकेंगी। यहां से खिलाड़ी जिला, संभाग, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक आगे बढ़ सकेंगे। आपात स्थिति में हेलीपैड का उपयोग प्रत्येक विधानसभा में विकसित किए जा रहे परिसरों में हेलीपैड का प्रावधान भी किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग आपातकालीन और त्वरित राहत सेवाओं के लिए किया जा सकेगा। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कॉम्प्लेक्स केवल भवन और मैदान तक सीमित न रहें, बल्कि उनका नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ा जा सके।
