उज्जैन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और मॉडल हर्षा रिछारिया के संन्यास लेने के बाद मंगलवार को सिलीगुड़ी की एक छात्रा ने संन्यास ले लिया। शास्त्रों का अध्ययन कर रही भारती चैतन्य के संन्यास की परम्परा पूजन विधि करीब दो घंटे तक चली। माता-पिता के पिंडदान की प्रक्रिया के बाद भारती चैतन्य का नाम साध्वी रीत प्रज्ञानंद गिरी हो गया। मंगलनाथ मार्ग स्थित गंगाघाट पर मोनी तीर्थ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर सुमनाजी महाराज ने छात्रा को विधि विधान से दीक्षा दी। छात्रा ने खुद का भी पिंडदान किया। मोनी आश्रम में तीन दिन में दूसरी बार है जब किसी युवती ने सांसारिक जीवन त्यागकर विधि-विधान से संन्यास लिया है। 22 वर्ष से सांसारिक जीवन से मोह नहीं रहा सिलीगुड़ी की रहने वाली भारती ने बताया कि उनका शुरू से ही सनातन धर्म से विशेष लगाव रहा है। 22 वर्ष से सांसारिक जीवन से मोह नहीं रहा। ग्रेजुएशन करने के बाद संस्कृत में शास्त्रों की शिक्षा अर्जित कर रही हूं। इससे पहले दिल्ली, काशी, हरिद्वार में रहकर पढ़ाई की। अभी भी पढ़ाई अधूरी है। शास्त्रों के ज्ञान के लिए पढ़ाई पूरी करुंगी। सनातन के लिए काम करने की इच्छा उन्होंने कहा कि मेरा हर कार्य विश्व कल्याण के लिए है। इसीलिए संन्यास लिया है। आगे भी सनातन धर्म के लिए काम करने की इच्छा है। सनातन धर्म की विचारधारा को समर्पित लोग ही संन्यास ग्रहण करते हैं। भारती चैतन्य 2014 से 2019 तक उज्जैन में रहकर मोनी आश्रम में शिक्षा ग्रहण करती थीं। फिर साधना सदन हरिद्वार में पढ़ाई की। अब काशी में अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी। इसके बाद वापस उज्जैन में आकर मोनी आश्रम में रहेंगी। ये खबर भी पढ़िए… उज्जैन में मॉडल हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और मॉडल हर्षा रिछारिया ने रविवार को अक्षय तृतीया पर संन्यास ले लिया। उन्हें उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने संन्यास दीक्षा दी। पढ़ें पूरी खबर…
