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स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मेडिकल इंटर्न्स का प्रदर्शन:24 जुलाई से काम बहिष्कार की चेतावनी, सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न्स और भावी इंटर्न्स ने गुरुवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर राजधानी भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। करीब 1200 मेडिकल इंटर्न्स और विद्यार्थियों ने हमीदिया अस्पताल गेट नंबर-2 से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इंटर्न्स की प्रमुख मांग है कि वर्तमान में मिलने वाला 14,337 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए। 9 जुलाई से प्रदेशभर में चल रहा है आंदोलन इंटर्न्स ने बताया कि स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर उनका आंदोलन 9 जुलाई से लगातार जारी है। इस दौरान भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, इंदौर और दतिया समेत विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं को ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें पदयात्रा, बाइक रैली और काली पट्टी बांधकर कार्य जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंत्री, अफसरों और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई मांग आंदोलन के दौरान 14 जुलाई को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री कार्यालय में ज्ञापन दिया गया। बाद में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से मुलाकात कर भी अपनी मांग रखी गई। 20 जुलाई को अपर मुख्य सचिव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा और संचालक चिकित्सा शिक्षा (डीएमई) से भी प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा की। इसके अलावा वित्त विभाग, वित्त मंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ज्ञापन भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से इंटर्न्स में नाराजगी बनी हुई है। कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन पदयात्रा के समापन पर मेडिकल विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के मेडिकल इंटर्न्स को अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि वे अस्पतालों में नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 24 जुलाई से चिकित्सीय कार्य के बहिष्कार की चेतावनी इंटर्न्स ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 24 जुलाई से प्रदेशभर के एमबीबीएस इंटर्न्स चिकित्सीय कार्य का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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