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स्कूल से लौटते समय नदी में बहे 3 बच्चे, मौत:रायपुर में तेज बारिश, एनीकट से गिरा युवक, बिजली गिरने से दंपती की गई जान

रायपुर में रविवार दोपहर से तेज बारिश हुई। वहीं बिलासपुर जिले में स्कूल से घर लौट रहे 3 बच्चे घोंघा नदी के तेज बहाव की बह गए। तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। ग्राम समडील निवासी आशुतोष जायसवाल और विजय जायसवाल ने अपनी बेटी रिद्धी (8) और सिद्धी (8) का दाखिला गांव से 2 किलोमीटर दूर नयापारा स्थित डीपी विप्र स्कूल में कराया था। शनिवार को दोनों बहनें स्कूल गई थीं। शाम 4 बजे छुट्टी होने पर उन्हें लेने के लिए आशुतोष का बड़ा बेटा अनमोल जायसवाल (7) साइकिल से स्कूल गया था। स्कूल से लौटते समय बच्चे पुल की जगह घोंघा नदी के रास्ते से घर लौट रहे थे। नदी के बीच पहुंचने पर अनमोल तेज बहाव में साइकिल संभाल नहीं पाया। इसके बाद साइकिल पर बैठी रिद्धी और सिद्धी समेत तीनों बच्चे पानी में बह गए। वहीं बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में एक युवक कन्हर नदी में एनीकट पार करते समय तेज बहाव में बह गया। यह घटना रविवार सुबह करीब 9 बजे हुई, जब एनीकट के ऊपर से पानी बह रहा था। युवक झारखंड के गोदरमाना से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा था। युवक की तलाश की जा रही है। इसके अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कटरा ढपनीपानी गांव में बिजली गिरने से एक बैगा दंपती की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मंगल सिंह पत्नी बिरस्पतिया बाई के साथ घर पर थे। तेज गड़गड़ाहट और मूसलाधार बारिश के दौरान उनके मकान पर बिजली गिरी। पति-पत्नी आंगन में ही बेहोश हो गए। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस की मदद से दंपती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मरवाही पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना मरवाही थाना क्षेत्र की है। पहले देखिए ये तस्वीरें… गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में नदी नाले उफान पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में लगातार तेज बारिश के कारण कई नाले उफान पर आ गए। बस्ती-बगरा मुख्य मार्ग पर स्थित कलेवा नाला में तेज बहाव के कारण पुल पर पानी भर गया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। कई लोगों को जान जोखिम में डालकर पुल पार करते देखा गया, जबकि अनेक यात्री घंटों फंसे रहे। कोटमी खुर्द-उमरखोही कच्चा मार्ग भी जलमग्न होने से ग्रामीणों को परेशानी हुई। हालांकि, बारिश कम होने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया। अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। अगले 24 घंटे में उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बन रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को रायपुर में सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। तेज बारिश से सुंदरनगर इलाके में महादेवघाट रोड पर जलभराव हो गया है। प्रदेश में 1 जून से अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य श्रेणी में है। हालांकि, सामान्य से 8% कम बारिश दर्ज की गई है। रामचंद्रपुर में सबसे ज्यादा 50 एमएम बारिश पिछले 24 घंटे में रामचंद्रपुर में सबसे ज्यादा 50 एमएम बारिश दर्ज की गई। पेंड्रा रोड और अंतागढ़ में 40-40 एमएम बारिश हुई। रेंगाखार कला, पखांजूर और मरवाही में 30-30 एमएम बारिश दर्ज की गई। सकौला, धनोरा, कोटाडोल, पोंडी बचरा और पौड़ी उपरोड़ा में 20-20 एमएम बारिश हुई। पसान, कोरबा, पेंड्रा, फरसगांव, दुर्ग, औंधी, गंगालूर समेत कई अन्य इलाकों में 10-10 एमएम बारिश दर्ज की गई। कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके बाद अगले दो दिनों तक भी प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। रायपुर में बादल छाए रहेंगे, बारिश के आसार रायपुर में 23 अगस्त को आसमान बादलों से घिरा रहेगा। शहर में बारिश या गरज-चमक के साथ कई दौर की बौछार पड़ने की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अंबिकापुर रहा सबसे गर्म प्रदेश में शनिवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया। सामान्य से 8% कम बारिश हुई छत्तीसगढ़ में मानसून की बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य श्रेणी में बना हुआ है, लेकिन जिलों के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। 1 जून से 22 अगस्त तक प्रदेश में औसतन 778 एमएम बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 844.8 एमएम मानी जाती है। यानी प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से 8% कम बारिश हुई है। हालांकि, कई जिलों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई है, वहीं 7 जिलों में बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सबसे ज्यादा कमी सरगुजा जिले में दर्ज की गई है। सरगुजा में 42% कम बारिश, बेमेतरा भी पीछे 22 अगस्त तक सरगुजा में सिर्फ 502.1 एमएम बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 872.3 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। यानी जिले में 42% कम बारिश हुई है। बेमेतरा में भी स्थिति लगभग ऐसी ही है। यहां 457.7 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 772 एमएम के मुकाबले 41% कम है। कांकेर में सामान्य से 40% कम बारिश हुई है। जशपुर में 34%, बस्तर में 27%, कोंडागांव में 23% और सुकमा में 20% बारिश की कमी दर्ज की गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 51% ज्यादा बारिश प्रदेश में सबसे ज्यादा अतिरिक्त बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हुई है। यहां 1017 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 673.7 एमएम है। यानी जिले में सामान्य से 51% ज्यादा बारिश हुई है। बलरामपुर में सामान्य से 43% ज्यादा बारिश हुई है। मुंगेली में 32%, महासमुंद में 23% और बलौदाबाजार में 22% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

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