मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। पुष्पक विमान से नहीं, स्कूटर पर आया रावण
लंकापति रावण सीता हरण के लिए पुष्पक विमान से नहीं, बल्कि स्कूटर लेकर पहुंच गया। उमरिया जिले के मानपुर में रामलीला के मंचन के दौरान यह नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। रावण खुद स्कूटर चलाकर आया और सीता को पीछे बैठाकर लंका की ओर चल दिया। इसका वीडियो भी सामने आया है। अब लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं- लगता है रावण का पुष्पक विमान खराब हो गया है। या फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि महंगाई के चलते दशानन ने अपनी सवारी ही बदल ली हो। कहने वाले यह भी कह रहे हैं कि रामायण की कथा भले ही पौराणिक हो, लेकिन मंचन नए जमाने में हो रहा है, तो अंदाज भी नया ही होगा। भाजपा विधायक का खरीद-फरोख्त का कबूलनामा
मध्य प्रदेश में आष्टा से भाजपा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वे जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए 18 में से 10 सदस्यों को खरीदने की बात कहते नजर आ रहे हैं। विधायक यह बात एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान हंसते हुए कह रहे हैं। वीडियो में गोपाल सिंह कहते हैं- ‘जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए गया तो मैंने कहा- बाप जी आशीर्वाद दो। वे बोले, एक की कमी है क्या? मैंने कहा- 10 लोगों को खरीद लिया मैंने, 18 में से। गुरुदेव, कैसे बोल रहे…’ विधायक के इस बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि जनता को समझना होगा कि भाजपा पैसे और पावर के दम पर लोकतंत्र का चीरहरण कैसे कर रही है। कांग्रेस इसे वोट चोरी और सीनाजोरी बता रही है। वैसे, गोपाल सिंह इंजीनियर पहले कांग्रेस में थे। वे कांग्रेस के टिकट पर तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में आने के बाद वे जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने और अब विधायक हैं। ‘कमलनाथ सरकार गिरने के लिए दिग्विजय भी दोषी’
मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के करीब साढ़े छह साल बाद भी कांग्रेस में इस बात पर एकराय नहीं है कि सरकार किसने, क्यों और कैसे गिराई थी। अब पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस मामले में दिग्विजय सिंह को भी जिम्मेदार ठहरा दिया है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह कमलनाथ सरकार के सिर पर सवार थे। कमलनाथ के हर निर्णय में दिग्विजय सिंह की भूमिका होती थी। ऐसे में जितने दोषी कमलनाथ हैं, उतने ही दिग्विजय सिंह भी हैं। दरअसल, हाल ही में दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ सरकार गिरने की वजह कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया का ईगो बताया था। सज्जन सिंह वर्मा इसी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने असमय इस मामले पर बात करने के लिए दिग्विजय पर सवाल भी उठाए। अब सज्जन सिंह वर्मा के बयान ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान को फिर सामने ला दिया है। खरी बात ये है कि सियासत में चोट गहरी हो, तो उसके निशान लंबे समय तक रहते हैं। कमलनाथ सरकार गिरने का दर्द भी कांग्रेस में कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। और अब अंदर की बात.. लौट के बुद्धू घर को आए…
ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी। मध्य प्रदेश में एक विभाग के साथ कुछ ऐसा ही हो गया। हुआ यूं कि इस विभाग ने 25 ड्राइवरों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया और मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेज दिया। लेकिन वित्त विभाग ने इसे खारिज कर दिया। अब विभाग के साहब ने होशियारी दिखाई। प्रस्ताव वाली फाइल बंद की और एक नई फाइल तैयार कर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दी। लेकिन यहां से भी फाइल घूम-फिरकर वित्त विभाग पहुंच गई। अब फाइल देखते ही वित्त विभाग के अफसर समझ गए कि ये तो नई बोतल में पुरानी शराब वाला मामला है। लिहाजा, वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को बता दिया कि ये प्रस्ताव पहले भी उनके पास आ चुका है और इसे खारिज किया जा चुका है। फिर क्या था, प्रस्ताव भेजने वाले विभाग की होशियारी उजागर हो गई। अब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से विभाग से सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। यानी, जिस प्रस्ताव को नई फाइल में लपेटकर दोबारा मंजूरी के लिए भेजा गया था, वह घूम-फिरकर वहीं पहुंच गया, जहां से खारिज हुआ था। तो हो गई न वही बात- लौट के बुद्धू घर को आए। इनपुट सहयोग – शैलेंद्र चतुर्वेदी (उमरिया), महेंद्र ठाकुर (सीहोर), बाबू पांचाल (आष्टा), विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें –
जब सीएम को याद आया पूर्व जन्म: जीतू पटवारी ने दिया भ्रष्टाचार का लाइव डेमो कटनी के बरही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से भ्रष्टाचार का लाइव डेमो दे दिया। उन्होंने ने मंच से डस्टबिन, फिनाइल की कैन और बल्ब लहराए और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- ये एक लाख रुपए की बाल्टी है, ये 36 हजार रुपए की फिनाइल की बोतल है और ये 11 हजार रुपए का बल्ब है। पूरी खबर पढ़ें
