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सिक्योरिटी गार्ड की बेटी का MP में 9वां स्थान:इंदौर के सरकारी स्कूल से की पढ़ाई; IAS बनने का लक्ष्य, पिता बोले- सपना पूरा करूंगा

इंदौर की बेटी कृष्णा खाजेकर ने एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं में 9वां स्थान हासिल किया है। वह सरकारी स्कूल की छात्रा है। कृष्णा से दैनिक भास्कर ने खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि मेरे 98.2% अंक आए हैं। एमपी में 9वीं रैंक है। मैंने पूरी कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ाई की और समय का पूरा सदुपयोग किया। पढ़ाई में स्कूल की टीचर की मदद ली, जिससे यह मुकाम हासिल कर सकीं। जब मैं 9वीं पास करके 10वीं क्लास में आई थीं, तभी तय कर लिया था कि 10वीं में अच्छी रैंक हासिल करनी है। मैंने पूरी कोशिश की और अच्छी रैंक हासिल की। पढ़ाई घंटों के हिसाब से नहीं की, बल्कि नियमित रूप से कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ाई करती थीं। पूरे ध्यान से पढ़ाई करने पर चार से पांच घंटे काफी होते हैं। कृष्णा ने बताया कि मेरे पिता संतोष खाजेकर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं और मां गृहिणी हैं। परिवार में दो बहन और एक भाई हैं। मेरी एक बहन भी 10वीं क्लास में है, उसका 90% परिणाम आया है। दोनों बहनों ने मिलकर मेहनत की। कृष्णा छोटे भाई-बहनों को भी यही समझाती हैं कि अच्छे से पढ़ाई करें और माता-पिता व स्कूल का नाम रोशन करें। सपना है कि IAS बनकर दिखाऊ कृष्णा ने बताया कि वह आगे साइंस विषय लेंगी और उनका सपना है कि वे IAS ऑफिसर बनें। वह चाहती हैं कि उनकी वर्तमान स्थिति बेहतर हो जाए। उनका कहना है कि वह अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती हैं, ताकि अपने माता-पिता को पूरा सहयोग दे सकें। सोशल मीडिया का नहीं करती इस्तेमाल कृष्णा ने बताया कि वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करती है। वह सोशल मीडिया से बहुत दूर है। हालांकि, मैंने ऑनलाइन पढ़ाई जरूर की। कृष्णा ने सक्सेस मंत्र देते हुए बताया कि अगर नियमित रूप से पढ़ेंगे तो सफलता हासिल कर सकते हैं। फिर चाहे आप प्राइवेट स्कूल के हो या गवर्नमेंट। पूरा ध्यान लगाकर पढ़ाई करेंगे तो ये पॉजिशन हासिल कर सकते हैं। कृष्णा कहती हैं कि दिक्कतें तो जीवन में आती रहती है, लेकिन मेरी टीचर्स और प्रिंसिपल ने बहुत सपोर्ट किया है। माता-पिता ने भी पूरा साथ दिया है। वे यहीं कहते थे कि तुम कर सकती हो। मैं यहीं चाहती हूं कि IAS अफसर बन सकूं, ताकि पिता को सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी नहीं करना पड़े। माता-पिता का ध्यान रख सकूं। IAS बनने का सपना कोरोना काल में देखा। स्कूल में कुछ दिक्कत हो गई थी, इसलिए कार्यालय जाना पड़ रहा था, तब वहां उनकी पॉजिशन देखी। मुझे लगा कि मैं भी IAS ऑफिसर बन संकू। स्कूल में फीस पेमेंट की दिक्कत थी, तब भी पिता लेकर गए थे। वहां सर ने एक साइन की और कहा कि बेटा तुम अच्छे से पढ़ना। बेटी का सपना जरूर पूरा करूंगा कृष्णा के पिता संतोष खाजेकर ने बताया कि मेरी बेटी की मेहनत रंग लाई है। मैं तो यहीं चाहूंगा कि हर बच्चा अच्छी पढ़ाई करें और आगे तरक्की करें। सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट स्कूल हो बच्चे को अपनी मेहनत पूरी करना चाहिए। संतोष कहते हैं कि मैं सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता हूं। बच्चों को पढ़ाने के लिए जो मुझसे और मेरी पत्नी से हो सकता है वह हम करते हैं। हमने तो अपने बच्चों को यह तक कह रखा है कि हम रहे या ना रहें, लेकिन अपनी पढ़ाई कभी मत छोड़ना। बेटी का IAS बनाने के लिए जितने मैं कोशिश कर सकता हूं वह पूरी करूंगा। मेरी बेटी का सपना पूरा करूंगा।

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