गोवा से महाकाल मंदिर दर्शन करने उज्जैन पहुंचे एक श्रद्धालु के चप्पल ढूंढने का तरीका चर्चाओं में है। उन्होंने चप्पल को खोजने का अनोखा तरीका अपनाया और हजारों जूतों-चप्पल के बीच चैट जीपीटी से अपनी क्लॉग्स (एक प्रकार की चप्पल) को खोज निकाला। इसके बाद उन्होंने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। मामला 11 अगस्त का है। इस दिन श्रद्धालु शुभांग बोरकर महाकालेश्वर भगवान के दर्शन के लिए आए थे। उन्होंने महाकाल मंदिर के त्रिवेणी गेट से प्रवेश किया। वहीं पर जूता स्टैंड में अपनी क्लॉग्स (चप्पल) को रख दी। दर्शन के दो घंटे बाद चप्पल लेने पहुंचे करीब दो घंटे बाद दर्शन करने के बाद जब शुभांग वापस अपनी चप्पल लेने पहुंचे तो वहां पर हजारों चप्पलों का ढेर था। वे करीब 10 मिनट तक अपनी चप्पल खोजते रहे। इस बीच उन्होंने अपना मोबाइल निकाला और वहां मौजूद जूते-चप्पल के ढेर की फोटो चैट जीपीटी पर शेयर करने लगे। इससे पहले उन्होंने अपनी चप्पल की एक पुरानी फोटो सेंड की थी और पूछा कि इस रंग, ब्रांड और डिजाइन की चप्पल पहचानिए। रैक की फोटो-वीडियो भेजकर ढूंढा मैच शुभांग लगातार रैकों (जूते रखने की जगह) की तस्वीरें भेजते रहे और चैटजीपीटी मैच ढूंढने के लिए हर तस्वीर का विश्लेषण करता रहा। सभी तस्वीरों को देखने के बाद, एआई ने आखिरकार एक खास जोड़ी की तरफ इशारा किया। इसने उनसे रैक के दाईं ओर, उसके ठीक नीचे के ढेर के बीच में देखने को कहा और बताया कि वह जोड़ी उनकी लग रही है। जब शुभांग ने खुद उस जगह की जांच की, तो पता चला कि चैट जीपीटी पर बताए गए क्लॉग्स उनके ही है।। शुभांग के तरीके की हो रही तारीफ चैट जीपीटी के इस अनोखे इस्तेमाल ने सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान कर दिया है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने जूते की खोई हुई जोड़ी ढूंढने जैसे आम काम के लिए एआई का उपयोग करने के बारे में कभी सोचा भी नहीं था। अब कई लोग शुभांग की इस तरह से चप्पल की खोज के लिए एआई के उपयोग की तारीफ कर रहे है
