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सिंधिया राजघराने की अरबों की संपत्ति के विवाद पर सुनवाई:पहली बार प्रतिमा देवी राना खुद हुईं पेश, मां के हिस्से का दावा

देश के चर्चित सिंधिया राजघराने की अरबों की संपत्ति के बंटवारे को लेकर आपसी सहमति से तैयार समझौता प्रस्ताव (राजीनामा) एक बार फिर कानूनी पेचीदगी में फंस गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्माराजे की बेटी प्रतिमा देवी राना ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि संपत्ति में उनकी मां का भी हिस्सा है। इसके बाद समझौता प्रस्ताव पर सुनवाई आगे बढ़ने से पहले ही अड़चन आ गई। मामले में 17 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे की ओर से कोर्ट में आवेदन पेश किए गए थे। इन आवेदनों पर मंगलवार (25 अगस्त) को सुनवाई हुई। प्रतिमा देवी पहली बार खुद कोर्ट में पेश हुईं। उन्होंने वसुंधरा और यशोधरा राजे की ओर से दिए गए जवाब की प्रमाणित प्रति मांगी है। इन आवेदनों पर अगली सुनवाई में बहस होगी। कोर्ट ने अगली तारीख 10 सितंबर तय की है। पिछली सुनवाई में वसुंधरा-यशोधरा ने दिया था जवाब 17 अगस्त को हुई सुनवाई में ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी बुआ और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे की ओर से आवेदन पेश किए गए थे। वसुंधरा और यशोधरा ने प्रतिमा देवी की आपत्ति पर जवाब देते हुए कहा था कि जब उन्होंने पहले समझौते पर सहमति जताई थी, तो अब आपत्ति का औचित्य क्या है। उन्होंने प्रतिमा देवी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग भी की थी। इससे पहले प्रतिमा देवी की जगह उनकी बेटी शिवांगी देवी अपने पति के साथ कोर्ट पहुंची थीं। कोर्ट ने प्रतिमा देवी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए थे। पहली बार कोर्ट पहुंचीं प्रतिमा देवी मंगलवार को हुई सुनवाई में प्रतिमा देवी राना पहली बार खुद कोर्ट में पेश हुईं। उन्होंने अन्य पक्षों की ओर से दाखिल जवाब की प्रमाणित प्रति मांगी, ताकि उसका जवाब पेश कर सकें। कोर्ट ने उन्हें जवाब देने के लिए समय दिया है। अब मामले में 10 सितंबर को आवेदनों पर बहस होगी। पहले हुई थीं एकपक्षीय घोषित वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से पैतृक संपत्ति में हिस्सा पाने के लिए सिविल सूट दायर किया था। लंबे कानूनी विवाद के बाद सभी पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता तैयार कर कोर्ट में पेश किया था। मूल दावे में दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे की दोनों बेटियों कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना को पक्षकार बनाया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने उन्हें एकपक्षीय (एक्स पार्टी) घोषित कर दिया था। समझौता आगे बढ़ने पर प्रतिमा देवी ने कोर्ट में आवेदन देकर दोबारा मामले में शामिल होने और संपत्ति में अपना हिस्सा देने की मांग की है। पद्मावती राजे के संपत्ति में हिस्सेदार होने के कारण उनकी बेटियों को समझौते से बाहर रखने पर कानूनी पेचीदगी खड़ी हो गई है। कौन हैं प्रतिमा देवी? ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्मावती राजे का विवाह त्रिपुरा के राजघराने में हुआ था। उनकी दो बेटियां प्रतिमा देवी और कनिका देवी हैं। सिंधिया राजपरिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के समझौते के प्रस्ताव में पद्मावती राजे के दोनों उत्तराधिकारियों को शामिल नहीं किया गया। इसी को लेकर प्रतिमा देवी ने कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई है।

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